यूपी के पीलीभीत से एक सनसनीखेज वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. इस वीडियो में देखा जा सकता है कि खेत में मौजूद एक बाघ को ग्रामीणों ने शोर मचाकर भगा दिया. यह वीडियो पीलीभीत के थाना हजारा क्षेत्र के कबीरगंज गांव का बताया जा रहा है, जहां गुरुवार सुबह एक खेत में बाघ को देखा गया. ग्रामीणों ने बिना देर किए शोर मचाना शुरू किया, जिससे बाघ वहां से भाग निकला. घटना का वीडियो मोबाइल में कैद कर लिया गया, जो अब वायरल हो चुका है.
सुबह-सुबह खेत में बैठा मिला बाघ
जानकारी के अनुसार, गुरुवार सुबह लगभग 7 बजे कबीरगंज गांव के कुछ ग्रामीण अपने खेतों की ओर जा रहे थे. इसी दौरान उन्होंने देखा कि एक खेत के किनारे बने मेड़ पर एक बाघ बिल्कुल शांत अवस्था में बैठा है. पहले तो ग्रामीण घबरा गए, लेकिन धीरे-धीरे और लोग इकट्ठा होने लगे. कुछ देर बाद ग्रामीणों ने शोर मचाना शुरू किया और बाघ को भगाने की कोशिश की.
ग्रामीणों ने बचाई जान
घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद जहां एक ओर ग्रामीणों की हिम्मत की चर्चा हो रही है, वहीं दूसरी ओर विशेषज्ञ इसे खतरनाक कदम बता रहे हैं. वीडियो में देखा जा सकता है कि बाघ शोर सुनते ही उठकर भागता है और ग्रामीण उसके पीछे शोर करते हुए दौड़ते हैं. कुछ लोगों के हाथों में लाठी भी नजर आ रही है, हालांकि किसी ने भी बाघ पर हमला नहीं किया.
वन्यजीव विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे हालात में आम नागरिकों को वन्यजीवों से दूरी बनाकर रखनी चाहिए और तुरंत वन विभाग को सूचना देनी चाहिए. बाघ जैसे शिकारी जानवर खतरा महसूस करते ही आक्रामक हो सकते हैं, जिससे जानमाल की हानि हो सकती है.
लखीमपुर से भटककर पीलीभीत आया बाघ
पीलीभीत टाइगर रिजर्व से सटा यह क्षेत्र पहले भी बाघों की आवाजाही के कारण चर्चा में रहा है. इस बार बताया जा रहा है कि बाघ उत्तर प्रदेश के ही पड़ोसी जिले लखीमपुर खीरी से भटककर यहां पहुंचा. लखीमपुर की सम्पूर्णानगर रेंज के रेंजर अनिल कुमार ने इस बात की पुष्टि की है. उन्होंने बताया, गुरुवार सुबह बाघ को देखा गया था. अभी भी वह पीलीभीत जिले के कबीरगंज क्षेत्र के खेतों में मौजूद हो सकता है. हमारी टीम उसकी ट्रैकिंग कर रही है. वन विभाग का कहना है कि वह लगातार निगरानी बनाए हुए है और ग्रामीणों से अपील की गई है कि बाघ को देखते ही अधिकारियों को सूचित करें. साथ ही किसी भी प्रकार की भीड़ एकत्र न करें और ना ही बाघ को भगाने की कोशिश करें.
बढ़ते मानवीय हस्तक्षेप से बाघों की हलचल बढ़ी
पीलीभीत और लखीमपुर जैसे तराई क्षेत्रों में इंसानी बस्तियां लगातार जंगलों के करीब बढ़ रही हैं. इस वजह से वन्यजीवों के प्राकृतिक आवास में हस्तक्षेप हो रहा है. कई बार बाघ और तेंदुआ जैसे जानवर भोजन या पानी की तलाश में आबादी वाले इलाकों तक पहुंच जाते हैं. विशेषज्ञों का मानना है कि मानव-वन्यजीव संघर्ष की ये घटनाएं भविष्य में और बढ़ सकती हैं अगर जागरूकता और सतर्कता ना बरती जाए.
वन विभाग ने जारी की चेतावनी
वन विभाग की ओर से जारी निर्देशों में साफ कहा गया है कि किसी भी जंगली जानवर की मौजूदगी की स्थिति में तुरंत सूचना दी जाए. किसी भी नागरिक को जानवर को भगाने, उकसाने या डराने की कोशिश नहीं करनी चाहिए. ऐसा करना न केवल व्यक्ति विशेष की सुरक्षा के लिए खतरा है बल्कि वन्यजीव संरक्षण के नियमों का भी उल्लंघन है. रेंजर अनिल कुमार ने कहा, हम लोगों से अनुरोध करते हैं कि किसी भी जंगली जानवर को देखने पर मोबाइल से वीडियो बनाने के बजाय वन विभाग को फोन करें. बाघ बेहद संवेदनशील जानवर होता है और डर के मारे हमला भी कर सकता है.
क्या करें अगर बाघ दिखे
यदि आपके क्षेत्र में बाघ या अन्य वन्यजीव दिखाई दें, तो निम्नलिखित सावधानियां ज़रूर बरतें:
- जानवर को छेड़ने या भगाने की कोशिश न करें
- तुरंत वन विभाग या नजदीकी पुलिस थाने को सूचित करें
- बच्चों और बुजुर्गों को सुरक्षित स्थान पर रखें
- खुद को सुरक्षित दूरी पर रखें और भीड़ न लगाएं
- खेत या जंगल की ओर अकेले न जाएं