उत्तर प्रदेश के मैनपुरी में हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है. 40 हजार रुपये रिश्वत नहीं देने पर सिपाहियों ने दो भाइयों की पूरी रात पट्टे और बेल्ट से बुरी तरह पिटाई की. मामला सामने आने के बाद आरोपी सिपाहियों को लाइन हाजिर कर दिया गया है.
घटना बेवर थाना इलाके के नबीगंज कस्बे का है. मैनपुरी में एक घर में हुए विवाद के बाद पुलिस के सिपाही दो भाइयों को घर से उठाकर पुलिस चौकी ले आए और उन्हें लॉकअप में बंद कर दिया. उन्हें छोड़ने के एवज में ये सिपाही दलाल के माध्यम से रिश्वत के तौर पर 40 हजार रुपये की मांग कर रहे थे. पैसा नहीं देने पर सिपाहियों ने उनके साथ अमानवीय व्यवहार किया.
पूरी रात पट्टा और बेल्ट से दोनों भाई की बेरहमी से पिटाई की, घर जाकर भी तोड़फोड़ की, पिता और दूसरे भाई को भी पुलिस चौकी लाकर पीटा. दोनों भाइयों के शरीर पर गंभीर चोट के निशान हैं. दरअसल 26 अगस्त को नबीगंज के रहने वाले दो भाई आदेश कुमार और सन्तोष कुमार की अपने ही परिवार में मामूली कहासुनी हो गयी थी.
झगड़े की सूचना पर पुलिस के सिपाही करतार सिंह, समोद तोमर और लोकेन्द्र सिंह मौके पर पहुंचे और दोनों भाइयों को उठाकर पुलिस चौकी ले आए. बेवर थाने की पुलिस चौकी में उन्हें लॉकअप में बंद कर दिया गया. इसके बाद इन सिपाहियों ने दलाल राजीव चौहान के जरिए दोनों भाइयों को छोड़ने के एवज में 40 हजार रुपये की मांग की.
रिश्वत का पैसा नहीं मिलने पर तीनों सिपाही बौखला गए. इन सिपाहियों ने लॉकअप के अंदर दोनों भाइयों को रातभर लॉकअप में पट्टे और बेल्ट से बुरी तरह पीटा. सिपाहियों का जब इससे भी मन नहीं भरा तो वो रात करीब ढाई बजे उनके घर पहुंच गए.
घर के अन्दर तोड़फोड़ की और वहां मौजूद पिता और अन्य भाई आलोक को भी पकड़कर थाने ले आए. चौकी लाकर उनके साथ भी मारपीट की और 40 हजार रुपये की मांग की. पैसा नहीं देने पर दोनों भाइयों का पुलिस ने चालान कर दिया.
हालांकि इस मामले के मीडिया में आ जाने के बाद मैनपुरी के एसपी विनोद कुमार ने मामले की जांच भोगांव के सीओ को करने का आदेश दिया. इसके बाद दोनों सिपाहियों को तत्काल प्रभाव से लाइन हाजिर कर दिया गया है.