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गैस पर छोले चढ़ाकर सो गए, फिर... नोएडा में दम घुटने से 2 युवकों की मौत

मृतकों की पहचान उपेंद्र (22) और शिवम (23) के रूप में हुई है. दोनों छोले-कुल्चे और भटूरे का ठेला लगाते थे और बसई गांव में किराये के एक छोटे कमरे में रहते थे. आसपास के लोगों ने कमरे से धुआं निकलता देखा तो दरवाजा तोड़ा. युवकों को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी.

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युवकों ने रात में गैस पर छोला चढ़ाया सो गए. रातभर गैस जलती रही, जिससे छोले जल गए और पूरे कमरे में धुआं भर गया. (Aajtak Photo)
युवकों ने रात में गैस पर छोला चढ़ाया सो गए. रातभर गैस जलती रही, जिससे छोले जल गए और पूरे कमरे में धुआं भर गया. (Aajtak Photo)

नोएडा के सेक्टर-70 स्थित बसई गांव में एक दर्दनाक हादसा सामने आया है. यहां किराए के मकान में रहने वाले दो युवकों की दम घुटने से मौत हो गई. घटना की जानकारी मिलने पर थाना फेज-3 की पुलिस मौके पर पहुंची और दरवाजा तोड़कर दोनों युवकों को अचेत अवस्था में बाहर निकाला. उन्हें सेक्टर-39 स्थित नोएडा जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया.

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पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया. मृतकों की पहचान उपेंद्र (22) और शिवम (23) के रूप में हुई है. दोनों छोले-कुल्चे और भटूरे का ठेला लगाते थे और बसई गांव में किराये के एक छोटे कमरे में रहते थे. पुलिस के अनुसार, दोनों ने रात में गैस पर छोले चढ़ाए और सो गए. रातभर गैस जलती रही, जिससे छोले जल गए और पूरे कमरे में धुआं भर गया. आसपास के लोगों ने कमरे से धुआं निकलता देखा तो दरवाजा तोड़ा.

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युवकों को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी. नोएडा पुलिस ने बताया कि शुरुआती जांच में दम घुटने की वजह ऑक्सीजन की कमी और कार्बन मोनोऑक्साइड की अधिकता मानी जा रही है. कमरे में कोई वेंटिलेशन नहीं था, जिससे गैस और धुआं जमा हो गया. दोनों के शरीर पर किसी प्रकार की चोट के निशान नहीं मिले हैं. पुलिस का कहना है कि मौत के सटीक कारण का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चलेगा.

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किसी बंद जगह में जब ऑक्‍सीजन कम होने लगती है और कार्बन मोनोऑक्साइड की अधिकता हो जाती है तो इसका सीधा असर इंसान पर पड़ता है. दिल, दिमाग और शरीर के अन्य दूसरे हिस्सों में ऑक्सीजन की सप्लाई कम हो जाती है. ऐसे में दिल तक खून की आपूर्ति बाधित होने लगती है. ऑक्सीजन की कमी के कारण दूसरे टिशू सही मात्रा में ब्लड पंप करने में असमर्थ होने लगते हैं. इससे दिल का गंभीर दौरा (कार्डियक अरेस्ट) पड़ता है. इसीलिए यह सुझाव दिया जाता है कि कमरे में कभी हीटर या आग जलाकर नहीं सोना चाहिए. इससे ऑक्‍सीजन कम हो जाता है. दम घुटने या हार्ट अटैक आने की संभावना बनी रहती है. 

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