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'अल्लाह की देन था, अल्लाह ने ले लिया...', असद के एनकाउंटर पर बोला अतीक का भाई अशरफ

माफिया अतीक और उसके भाई अशरफ से पूछताछ में पुलिस को कई अहम सुराग मिले हैं. पुलिस दोनों को अलग-अलग में गाड़ियों में लेकर प्रयागराज के पूरामुफ्ती थाने पहुंची. इसके बाद दोनों को मेडिकल जांच के लिए मोतीलाल नेहरू मंडलीय चिकित्सालय ले जाया गया. इस दौरान असद के एनकाउंटर के सवाल पर अतीक बिना कुछ जवाब दिए अंदर चला गया.

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अतीक और अशरफ को धूमनगंज थाने ले जाती पुलिस.
अतीक और अशरफ को धूमनगंज थाने ले जाती पुलिस.

उमेश पाल हत्याकांड में आरोपी माफिया अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ से पूछताछ में पुलिस को कई अहम सुराग मिले हैं. पुलिस माफिया अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ को अलग-अलग गाड़ियों में लेकर प्रयागराज के पूरामुफ्ती थाने पहुंची. इसके बाद दोनों को मेडिकल जांच के लिए मोतीलाल नेहरू मंडलीय चिकित्सालय ले जाया गया.

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इस दौरान एनकाउंटर में मारे गए बेटे असद के सवाल पर अतीक बिना कुछ जवाब दिए अंदर चला गया. मेडिकल जांच के बाद यहां से पुलिस दोनों को एक ही गाड़ी बैठाकर धूमनगंज थाने वापस ले गई. यहां असद को लेकर मीडिया द्वारा किए गए सवाल पर अशरफ ने जवाब दिया. उसने कहा कि वो अल्लाह की देन था, अल्लाह ने ले लिया. इस दौरान उसके चेहरे पर भतीजे असद को खोने का गम साफ दिखाई दे रहा था.

देखिए वीडियो...

माफिया के मददगारों पर तेजी से शिकंजा कस रही पुलिस

उधर, अतीक के मददगारों पर पुलिस तेजी से शिकंजा कस रही है. ये बात सामने आई है कि फतेहपुर में माफिया अतीक के करीबियों के यहां छापेमारी भी चल रही है. उमेश पाल हत्याकांड में इस्तेमाल किए गए असलहों के संबंध में फतेहपुर के पनी और चौधराना इलाके के दर्जनों घरों में कार्रवाई जारी है.

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माफिया अतीक के तीन करीबियों को हिरासत में भी लिया गया है, जिनसे पुलिस असलहों के बारे में जानकारी जुटा रही है. सूत्रों के मुताबिक, हिरासत में लिए गए अतीक के करीबियों से पुलिस माफिया और उसके भाई से सामना कराएगी. 

'हां जेल में बैठकर रची थी साजिश'

बता दें कि माफिया अतीक ने कबूल किया है कि उसने ही उमेश पाल की हत्या की साजिश रची थी. रिमांड कॉपी के मुताबिक, आरोपी अतीक अहमद ने 12 अप्रैल 2023 को पुलिस को अपने बयान में बताया कि उसने हत्याकांड की पूरी साजिश जेल में बैठकर रची थी.

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अतीक ने पत्नी शाईस्ता से मुलाकात के दौरान नए मोबाइल फोन और सिम मुहैया करवाने के लिए कहा था. उस शख्स का नाम भी बताया था, जिसके हाथ ये मोबाइल और सिम जेल में पहुंचने थे. इसके साथ ही जेल में बंद अशरफ को भी मोबाइल और सिम मुहैया करवाए गए थे.

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अतीक ने पुलिस को बताया कि उसने जेल में उमेश की हत्या की साजिश रची. उसे पत्नी ने जानकारी दी थी कि उमेश के साथ 2 गनर रहते हैं. इसको देखते हुए सबसे पहले उमेश पाल की सुरक्षा में तैनात पुलिस वालों को मारने के लिए कहा था.

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अशरफ के साले सद्दाम पर भी कसा जा रहा शिकंजा

उधर, असद और गुलाम के एनकाउंटर के बाद अब बरेली में अशरफ के साले सद्दाम अहमद पर भी शिकंजा कसता नजर आ रहा है. बरेली के एसएसपी प्रभाकर चौधरी ने सद्दाम पर 25 हजार का इनाम घोषित कर दिया है. उसकी तलाश के लिए पुलिस और एसटीएफ की टीमें जगह-जगह छापेमारी कर रही हैं.

सद्दाम के खिलाफ थाना बिथरीचैनपुर में षड्यंत्र रचने, साक्ष्य मिटाने जैसे आरोपों में केस दर्ज है. आरोप है कि उसने शूटर्स को अशरफ से मिलवाया था. उस पर हत्याकांड में शामिल आरोपियों को संरक्षण देने का भी आरोप है. जांच में ये बात सामने आई कि बरेली जेल में अतीक के भाई अशरफ अहमद ने अपने साले सद्दाम के माध्यम से स्थानीय स्तर पर पूरा नेटवर्क खड़ा किया था. 

 

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