उत्तर प्रदेश में पीलीभीत टाइगर रिजर्व में सफारी के दौरान नियमों का उल्लंघन कर पर्यटकों को बाघों के करीब ले जाने के आरोप में दो गाइडों और कई ड्राइवरों को सस्पेंड कर दिया गया.
अधिकारियों ने ये जानकारी दी है. उन्होंने बताया कि घटना का एक कथित वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद रिजर्व के उप निदेशक मनीष सिंह ने महोद रेंज के क्षेत्रीय वन अधिकारी सहेंद्र यादव से रिपोर्ट मांगी थी. अधिकारियों ने बताया कि उपनिदेशक के निर्देश पर यादव ने नियमों का उल्लंघन करने पर दो गाइडों और 2 ड्राइवर्स को 15 दिनों के लिए सस्पेंड कर दिया.
पत्रकारों से बात करते हुए सिंह ने कहा कि बुधवार को पर्यटकों के साथ कुछ सफारी वाहन महोद रेंज से गुजर रहे थे, तभी एक बाघ देखा गया. जल्द ही, अन्य सफारी वाहन भी मौके पर पहुंच गए और बाघ को घेर लिया, क्योंकि पर्यटकों को जानवर की तस्वीरें खींचनी थीं और वीडियो रिकॉर्ड करने थे. अधिकारियों के मुताबिक, गलत तरीके से वाहन चलाने वाले ड्राइवर बाघ के बहुत करीब चले गए जो नियमों का उल्लंघन था.
बता दें कि पीलीभीत में आदमखोर बाघ ने इसी साल की शुरुआत में खेत पर काम करने गए एक किसान को निवाला बना लिया था. बाघ के हमले में मारा गया किसान अपने घर में कमाने वाला इकलौता शख्स था. दो महीने बाद किसान की बेटी की शादी होने वाली थी.
किसान तक की रिपोर्ट के मुताबिक मामला पीलीभीत जिले के माधोटांडा इलाके का था. पुरैनी दीपनगर गांव का (48) वर्षीय किसान स्वरूप सिंह उर्फ मट्टू अपने खेत पर काम करने गया था. खेत पर काम करने के दौरान अचानक जंगल से निकला एक बाघ स्वरूप सिंह पर हमलावर हो गया था. हमला इतना घातक था कि किसान की मौके पर ही मौत हो गई थी.