यूपी के वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने आज (5 फरवरी) विधानसभा में 2024-25 का बजट पेश किया. इस दौरान प्रदेशवासियों को करीब 24 हजार करोड़ की नई परियोजनाओं की सौगात दी गई. साथ ही कई बड़े और अहम ऐलान किए गए. हालांकि, इसको लेकर सपा मुखिया अखिलेश यादव ने सरकार पर निशाना साधा है. उन्होंने कहा कि सरकार कह रही है कि इस बार का बजट सबसे बड़ा बजट है, लेकिन मैं कहता हूं बजट केवल नाम का नहीं बल्कि काम का आना चाहिए. ये दिल्ली वाले और लखनऊ वाले केवल बड़े-बड़े सपने दिखा रहे हैं.
प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि बीजेपी सरकार का ये बजट केवल 10% लोगों के लिए है. 90% लोगों को मायूसी हाथ लगी. इसके परिणाम स्वरूप गैर बराबरी बढ़ेगी. वित्त मंत्री सुरेश खन्ना की कोई बात समझ ना पाए इसलिए दो लाइन उन्होंने दोहे की पढ़ दी.
अखिलेश ने यह भी कहा कि सरकार के बजट का 90 प्रतिशत हिस्सा सिर्फ 10 प्रतिशत सम्पन्न लोगों के लिए है और 90 प्रतिशत लोगों के लिए सिर्फ 10 प्रतिशत दिया गया है. इस बजट से क्या महंगाई से राहत मिल रही है, या किसानों की आय दोगुनी हो रही है. दूसरे प्रदेश यूपी से ज्यादा गन्ने की कीमत दे रहे हैं. क्या 20 रुपए बढ़ाने से ही किसान की आय दोगुनी हो जाएगी. यह नौकरी की बात नहीं कर रहे.
अखिलेश यादव ने तंज कसते हुए कहा कि आगरा में लोग सीवर-सड़क के लिए प्रदर्शन कर रहे हैं. कानपुर देहात में शादी के कार्यक्रम से लौट रहे परिवार की आवारा पशु से मौत हो गई. लेकिन सरकार बजट में बड़ी-बड़ी बातें कर रही है.
बकौल अखिलेश- सरकार कह रही है 40 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश के प्रस्ताव पास हुए हैं, जिससे लाखों लोगों को रोजगार मिलेगा, आखिर कहां हैं सब, सिर्फ हवा हवाई बातें हैं. इज ऑफ डूइंग की बात करते हैं, जिसका यूपी में मतलब हो चुका है इज ऑफ डूइंग क्राइम करप्शन और चीटिंग. हर जगह धांधली चल रही है.