उत्तर प्रदेश सरकार ने महाकुंभ 2025 को लेकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' (पूर्व में ट्विटर) पर भ्रामक खबरें फैलाने वाले 14 अकाउंट्स के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है. राज्य सरकार की ओर से रविवार को जारी आधिकारिक बयान में यह जानकारी दी गई.
हाल ही में सोशल मीडिया पर एक पुराना वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें झारखंड के धनबाद में 1 जनवरी 2025 को हुई लाठीचार्ज की घटना दिखाई गई थी. लेकिन इसे प्रयागराज महाकुंभ का बताकर यह अफवाह फैलाई गई कि उत्तर प्रदेश पुलिस ने लापता रिश्तेदारों की तलाश कर रहे श्रद्धालुओं पर बर्बर लाठीचार्ज किया.
सरकार ने की सख्ती
उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (DGP) प्रशांत कुमार के निर्देश पर सोशल मीडिया की सख्ती से निगरानी की जा रही है. जांच के बाद यह पुष्टि हुई कि यह वीडियो प्रयागराज का नहीं बल्कि धनबाद, झारखंड का था. कुंभ मेला पुलिस ने भी अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट्स से इसका खंडन किया और असली फैक्ट सामने रखे. सरकार ने इसे सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाकर पुलिस और प्रशासन की छवि खराब करने और जनता में भ्रम फैलाने की साजिश बताया है.
FIR दर्ज, होगी कार्रवाई
सरकार ने इस मामले में कोतवाली कुंभ मेला थाना में 14 सोशल मीडिया अकाउंट्स के खिलाफ FIR दर्ज कर ली है और आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है. उत्तर प्रदेश प्रशासन ने साफ कर दिया है कि महाकुंभ 2025 से जुड़ी किसी भी तरह की झूठी या भ्रामक खबर फैलाने वालों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
सोशल मीडिया पर गलत जानकारी फैलाने वालों पर प्रशासन सख्त रुख अपना रहा है. सरकार लगातार डिजिटल प्लेटफॉर्म्स की निगरानी कर रही है ताकि महाकुंभ जैसे बड़े आयोजन को लेकर किसी तरह की अफवाह न फैले.
महाकुंभ 26 फरवरी तक चलेगा. महाकुंभ का आयोजन हर 12 साल में एक बार होता है. यह देश के 4 जगहों पर ही लगता है.