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UP-MP बॉर्डर पर नकली खाद और शराब के अवैध कारोबार का भंडाफोड़, 4 गिरफ्तार

उत्तर प्रदेश के महोबा जिले में मध्य प्रदेश की सीमा का फायदा उठाकर शातिर बदमाश नकली खाद और नकली शराब का गोरख धंधा करते थे. मुखबिर की सूचना पर छापामार कार्रवाई करते हुए पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है.

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पुलिस की गिरफ्त में आरोपी
पुलिस की गिरफ्त में आरोपी

उत्तर प्रदेश के महोबा जिले में मध्य प्रदेश की सीमा का फायदा उठाकर शातिर बदमाश नकली खाद और नकली शराब के गोरख धंधे को एक बंद मकान के अंदर अंजाम देते पकड़े गए हैं. प्रशासनिक अधिकारियों और पुलिस की टीम ने अवैध कारोबार के ठिकाने पर जब छापामारी की तो सभी के होश उड़ गए. बताया जाता है कि मध्य प्रदेश से नकली खाद लाकर नई पैकिंग के जरिए उत्तर प्रदेश में बेचने का काम आरोपी कर रहे थे. जबकि मध्य प्रदेश से नकली शराब यूपी में खपाने के लिए आरोपियों द्वारा इकट्ठा की गई सामग्री व शराब भी बरामद कर ली गई.

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मुखबिर से सूचना पर की गई थी छापेमारी

पुलिस ने इस काले कारोबार से जुड़े पिता पुत्र सहित चार शातिर बदमाशों को धर दबोचा है. जबकि मुख्य आरोपी फरार बताया जा रहा है. इस अवैध कारोबार का एसपी ने प्रेस वार्ता कर खुलासा किया है. बता दें कि जनपद के महोबकंठ थाना क्षेत्र से मध्य प्रदेश की सीमा लगी हुई है. जिसका फायदा उठाकर शातिर बदमाश अवैध कारोबार को अंजाम देने का काम कर रहे हैं.

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ऐसे ही एक ठिकाने पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की छापामारी से नकली खाद और अवैध शराब बनाने के कारोबार का खुलासा हुआ है. बताया जाता है कि महोबकंठ थाना क्षेत्र के चौका गांव में रहने वाले मूलचंद्र पाल के बंद मकान में एक ही छत के नीचे नकली खाद और नकली शराब बनाने का अवैध कारोबार शातिर बदमाशों द्वारा किया जा रहा था.

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रबी फसल की बुवाई के लिए किसानों के बीच खाद की बढ़ती मांग को लेकर शातिर बदमाश मध्य प्रदेश से नकली खाद लाकर उसे नई पैकिंग के जरिए किसानों के बीच बेचने का काम कर रहे थे. वहीं अधिक पैसा कमाने की चाह में नकली शराब बनाकर भी बेची जा रही थी. स्थानीय पुलिस को नकली खाद बनाने की मुखबिरों से सूचना मिल रही थी, जिस आधार पर जिला कृषि विभाग के अधिकारियों और सहकारिता के सहायक आयुक्त व निबंधक ने स्थानीय पुलिस और आबकारी की टीम के साथ जब बंद मकान में छापेमारी की तो सभी के होश उड़ गए.

छतरपुर का रहने वाला है मुख्य आरोपी

चौका गांव के ग्राम सचिवालय के नजदीक ही बदमाश एक ही छत के नीचे दोनों काले कारोबारों को अंजाम दे रहे थे. इस छापामारी से इलाके में हड़कंप मच गया और पूछताछ में पता चला कि मध्य प्रदेश के जनपद छतरपुर के ग्राम गुड़ा निवासी निशांत यादव के जरिए इस काले कारोबार को अंजाम दिया जा रहा था. चौका गांव में ही रहने वाले मूलचंद्र पाल अपने ही मकान में अपने पिता बालमुकुंद पाल, चाचा दयाराम पाल और अन्य सहयोगी धीरज कुशवाहा के साथ नकली खाद व शराब बनाकर बेचने का काम कर थे.

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बताया जाता है कि ये बदमाश मध्य प्रदेश से अन्नदाता उर्वरक जिंकटेड सिंगल सुपर फास्फेट की खरीद कर उसे भारत एन.पी.के. ग्रेड 15-15-15 कंपनी आर.सी.सी. की बोरियों में भरकर दो से तीन गुना अधिक दामों में स्थानीय किसानों को बेच देते थे. बड़ा मुनाफा कमाने के लिए ही ये शातिर नकली खाद के साथ -साथ नकली शराब को भी बनाने का काम कर रहे थे. 

उक्त ठिकाने से पुलिस ने बड़ी मात्रा में नकली खाद, पैकिंग बोरियां, पैकिंग मशीन के साथ-साथ नकली शराब पैकिंग के लिए प्रिंस ब्रांड के 60 अदद लेबिल, 178 अदद ढक्कन, 180 अदद खाली पौवा शीशी प्लास्टिक, 743 अदद ढक्कन शील पन्नी बरामद हुई है. पुलिस ने इस अवैध कारोबार को करने वाले पांच अभियुक्तों के खिलाफ दो अलग-अलग मुकदमे दर्ज कर लिए हैं. जिनमें चार को गिरफ्तार कर वैधानिक कार्रवाई की गई है.

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मुख्य आरोपी अभी भी है फरार

इस मामले को लेकर एसपी पलाश बंसल ने बताया कि पुलिस को मुखबिरों से नकली खाद ठिकाने की सूचना मिली थी. अधिकारियों की मौजूदगी में जब छापेमारी की गई तो वहां नकली खाद के साथ ही नकली शराब बनाने का भी काम किया जा रहा था. इसके अभियुक्त मूलचंद्र पाल उसके पिता बालमुकुंद पाल, चाचा दयाराम पाल और धीरज कुशवाहा को गिरफ्तार कर लिया गया है. इस अवैध कारोबार का मुख्य सरगना मध्यप्रदेश निवासी निशांत यादव अभी फरार है. जिसकी गिरफ्तारी के किए टीम गठित की गई है. 

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