उत्तर प्रदेश में नगर निकाय चुनाव हो रहे हैं. दो चरणों में हो रहे निकाय चुनाव के पहले चरण में शहर की सरकार चुनने के लिए आज मतदाता अपने मताधिकार का उपयोग कर रहे हैं. पहले चरण के लिए सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की ओर से खुद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और समाजवादी पार्टी (सपा) की ओर से पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने चुनाव प्रचार की कमान संभाल रखी थी. जोर-शोर से चले चुनाव प्रचार के बीच एक दल के शीर्ष नेतृत्व की प्रचार से दूरी ने सबका ध्यान खींचा.
एक तरफ जहां बीजेपी की ओर से सीएम योगी, सपा के अखिलेश यादव, कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष बृजलाल खाबरी ने ताबड़तोड़ जनसभा की. वहीं बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के शीर्ष नेतृत्व ने चुनाव प्रचार से दूरी बनाए रखी. बसपा ने पहले चरण में सभी 10 नगर निगम में उम्मीदवार तो उतारे लेकिन न तो मायावती या आकाश आनंद, ना ही सतीश मिश्रा या किसी अन्य बड़े नेता ने कोई रैली की.
बसपा के टिकट पर चुनाव लड़ रहे उम्मीदवार स्थानीय और मंडल स्तर के नेताओं की ओर से किए गए प्रचार के बूते ही अपनी किस्मत आजमा रहे हैं. गौरतलब है कि 2022 के यूपी चुनाव में भी बसपा ने बहुत ज्यादा प्रचार-प्रसार नहीं किया था और चुनाव परिणाम आए तो यूपी में चार बार सरकार का नेतृत्व करने वाली पार्टी महज एक सीट पर सिमटकर रह गई थी. नगर निकाय चुनाव में बसपा के शीर्ष नेताओं ने किसी उम्मीदवार के पक्ष में रैली तो दूर, पार्टी के उम्मीदवारों को वोट देने की अपील तक नहीं की है.
विधानसभा चुनाव में एक्टिव थे सतीश चंद्र मिश्रा
बसपा के महासचिव सतीश चंद्र मिश्रा विधानसभा चुनाव के समय काफी एक्टिव थे. उन्होंने ताबड़तोड़ रैलियां की थीं. निकाय चुनाव में वे भी अब तक साइलेंट मोड में ही नजर आए हैं. नगर निकाय के पिछले चुनाव में बसपा ने चुनाव प्रचार में बड़े नेताओं को उतार दिया था और तब पार्टी के दो उम्मीदवार जीत दर्ज कर सके थे. ऐसे में इस बार देखना होगा कि बसपा कितने निकायों में जीत पाती है.
13 को आने हैं परिणाम
यूपी नगर निकाय चुनाव के लिए दो चरणों में वोटिंग हो रही है. पहले चरण में आज नौ मंडल के 37 जिलों में वोटिंग चल रही है. वहीं दूसरे चरण का मतदान 11 मई को होगा. यूपी नगर निकाय चुनाव के लिए वोटों की गिनती 13 मई को होनी है.