क्या कोई सातों दिन, पूरे महीने और साल भर बिना छुट्टी लिए काम कर सकता है? अगर कोई सरकारी या गैर सरकारी कंपनी अपने कर्मचारियों के लिए ये शर्तें लागू करती है, तो यह अत्याचार, मनमानी और श्रम कानूनों की अनदेखी है. यूपी पुलिस डायल 112 सर्विस की नई सेवा प्रदाता कंपनी ने अपने ऑफर लेटर में कुछ ऐसा ही शर्तें लिखी हैं. डायल 112 सर्विस की कॉल टेकर लड़कियां गत 5 साल से सैलरी नहीं बढ़ने से नाराज होकर 6 दिनों से विरोध प्रदर्शन कर रहीं हैं. वहीं नई कंपनी के इस तुगलकी फरमान ने मामला और बिगाड़ दिया है.
उत्तर प्रदेश पुलिस की इमरजेंसी सेवा में अनुबंध पर काम करने वाली लड़कियों के विरोध प्रदर्शन की प्रमुख वजहों में वेतन विसंगति और नई कंपनी द्वारा छुट्टियों में कटौती जैसे मुद्दे शामिल हैं. लड़कियों और उनके समर्थकों पर तीन एफआईआर तक दर्ज हो चुकी है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मामले का संज्ञान लेते हुए डायल 112 के प्रभारी एडीजी को हटा दिया. लड़कियों का आरोप है साल 2019 से उनका वेतन 11,400 रुपए महीना ही बना हुआ है.
चार साल बाद सैलरी में सिर्फ 600 रुपए की बढ़ोतरी
मामला तब और बिगड़ गया जब गत सोमवार को डायल 112 टीम में काम करने वाली लड़कियों को पता चला कि महिंद्रा डिफेंस सिस्टम लिमिटेड यानी MDSL की बजाय अब उनकी नौकरी नई कंपनी We Win के जरिए चलेगी. We Win डायल 112 की नई सेवा प्रदाता कंपनी होगी. एमडीएसएल का अनुबंध 2 नवंबर को समाप्त हो गया था. नई कंपनी We Win ने डायल 112 सर्विस का कामकाज संभालने के बाद अपने प्रतिनिधियों के जरिए प्रदर्शनरत लड़कियों से बातचीत की और उनकी सैलरी में ₹600 मासिक का इजाफा करते हुए इसे 12,101 रुपए मासिक कर दिया.
ऑफर लेटर में पूरा महीना बिना छुट्टी काम की शर्त
जब We Win की तरफ से इन लड़कियों को ऑफर लेटर मेल किया जाने लगा, तो उसमें जॉब की शर्तें बहुत कठोर थीं. एक लड़की को We Win Pvt Ltd की तरफ से भेजे गए ऑफर लेटर की प्रति आज तक के हाथ लगी है. इसमें लिखा गया है कि 12101 रुपये मासिक की सैलरी तब हाथ में आएगी, जब एम्प्लॉयी 30 दिन बिना छुट्टी लिए काम करेगा या करेगी. श्रम कानून में महीने में कम से कम 4 छुट्टियों का प्रावधान है. लेकिन डायल 112 की नई सेवा प्रदाता कंपनी अपने कर्मचारियों से बिना किसी साप्ताहिक अवकाश के सातों दिन, महीने भर काम लेना चाहती है.
ऑफर लेटर में मैटरनिटी लीव पर कोई स्पष्टता नहीं
इतना ही नहीं, डायल 112 में कई शादीशुदा लड़कियों भी काम कर रही हैं. साप्ताहिक अवकाश के अलावा, गर्भवती महिला कर्मियों को मिलने वाली मैटरनिटी लीव के बारे में भी कंपनी की तरफ से कुछ साफ नहीं बताया गया है. इस संबंध में यूपी पुलिस के स्पेशल डीजी (लॉ एंड ऑर्डर) प्रशांत कुमार का कहना है कि डायल 112 के सेकंड फेज की शुरुआत हुई है, जिसकी वजह से नई सेवा प्रदाता कंपनी को काम सौंपा गया है. यह पूरा मामला नई कंपनी और कॉन्ट्रैक्ट पर काम करने वाली लड़कियों के बीच का है. इस मामले को कंपनी के द्वारा जल्द सुलझाया लिया जाएगा.
चूंकि मामला यूपी पुलिस और राज्य सरकार के द्वारा चयनित कंपनी का है, लिहाजा इस संबंध में उत्तर प्रदेश श्रम विभाग के एक अफसर ने नाम नहीं छापने की शर्त पर कहा, 'We Win Pvt Ltd की ओर से भेजे गए ऑफर लेटर में सेवा की जो शर्तें लिखी हैं, वे श्रम कानूनों का साफ उल्लंघन करती हैं. कानून के अनुसार महीने में चार वैतनिक अवकाश अनिवार्य है. रही बात मैटरनिटी लीव की तो यह उन महिलाओं के कार्य क्षेत्र पर निर्भर करता है कि किसको कितनी छुट्टियां अनुमन्य हैं.'