उत्तर प्रदेश की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए सेना में भर्ती कराने के नाम पर ठगी करने वाले को पकड़ा है. आरोपी का नाम अरविंद राणा है. वह खुद को भारतीय सेना का हवलदार बताता था और फर्जी मेडिकल व ज्वाइनिंग लेटर देकर अभ्यर्थियों से धोखाधड़ी करता था. आरोपी के पास से भारतीय सेना का फर्जी आई-कार्ड, 2 फर्जी आधार कार्ड और 2 फर्जी पैन कार्ड मिले हैं.
जानकारी के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी अरविंद राणा मेरठ का रहने वाला है और हाईस्कूल पास है. जब आरोपी से पूछताछ की गई तो पता चला कि वह पहले मर्चेंट नेवी में सफाई कर्मी के पद पर था. साल 2018 में एक जहाज पलटने की घटना के बाद डर की वजह से उसने नौकरी छोड़ दी और घर लौट आया.
मर्चेंट नेवी छोड़ने के बाद उसकी मुलाकात उसके पुराने साथी सौरभ से हुई. सौरभ ने उसे हापुड़ के रहने वाले योगेश गौतम से मिलवाया. योगेश ने उसकी मुलाकात बागपत के रहने वाले अजय उर्फ गुरुजी, बिट्टू उर्फ पहलवान और विष्णु उर्फ बलराम से करवाई.
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अजय उर्फ गुरुजी ने अरविंद से कहा कि अगर वह सेना में भर्ती के इच्छुक अभ्यर्थियों को लेकर आए तो उसे भी हिस्सा मिलता रहेगा. इस लालच में आकर अरविंद ने अपने साथियों के साथ मिलकर सेना में भर्ती के नाम पर ठगी शुरू कर दी.
अरविंद और उसके साथी फर्जी मेडिकल करवाकर, फर्जी ज्वाइनिंग लेटर जारी कर अभ्यर्थियों से 4-5 लाख रुपये प्रति उम्मीदवार वसूलने लगे. अरविंद खुद को सेना का हवलदार बताता था. उसने फर्जी आई-कार्ड भी बना रखा था. इसी के साथ फर्जी आधार कार्ड और पैन कार्ड भी बनवा लिए, ताकि उसकी असली पहचान छिपी रहे. वह इन दस्तावेजों का इस्तेमाल विभिन्न जगहों पर होटल में ठहरने के लिए करता था.
40 से ज्यादा अभ्यर्थियों से की ठगी
अब तक अरविंद और उसके साथियों ने लगभग 40 अभ्यर्थियों का फर्जी मेडिकल करवा कर उन्हें फर्जी ज्वाइनिंग लेटर जारी किया है. अभ्यर्थियों को यह यकीन दिलाने के लिए कि वह सेना में कार्यरत है, अरविंद ने फर्जी नाम और पते से पहचान पत्र बनवाया था.
यूपी एसटीएफ ने अरविंद राणा को मेरठ से गिरफ्तार किया और उसके खिलाफ विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया है. फिलहाल पुलिस इस गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी है.
मेरठ के एसपी सिटी ने क्या बताया?
इस मामले में मेरठ के एसपी सिटी आयुष विक्रम ने बताया कि कल देर रात थाना सदर बाजार को एसटीएफ और मिलिट्री इंटेलिजेंस को सूचना मिली थी कि अरविंद राणा नाम का व्यक्ति आया हुआ है. सूचना मिलते ही उसे हिरासत में लिया गया और पूछताछ की गई .तो वह लगातार लोगों को नौकरी दिलाने के नाम पर ठग रहा था. पांच लाख रुपये वसूलता था और फर्जी प्रमाण पत्र बनवाता है. उसने बताया कि कई लोगों को वह ठग चुका है.