उत्तर प्रदेश विधानसभा में राज्यपाल के अभिभाषण पर बोलते हुए समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और नेता प्रतिपक्ष अखिलेश यादव ने योगी सरकार पर जमकर निशाना साधा. शायराने अंदाज में अखिलेश ने कहा कि आंखों पर सियासत का असर देख रहें हैं, किस ओर लगी आग और किधर देख रहे हैं. अखिलेश ने सदन में कहा कि बीजेपी ने राज्यपाल का बहुत समय बर्बाद किया, जो योजनाएं दी गई वह जमीन पर नहीं कोसों दूर हैं.
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर निशाना साधते हुए पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा, 'बजट देखा तो दुख हुआ कि नेता सदन गोरखपुर में अभी तक नाला नहीं बना पाए, गोरखपुर में स्टेडियम क्यों नहीं बनाया? अगर गोरखपुर में नहीं बनाया तो कम से कम क्यूटो (काशी) में बना देते, आप सूची मांगा लें कि सैफई के स्टेडियम में मेरे परिवार का कोई स्विमिंग करने नहीं जाता... गोरखपुर, देवरिया और महाराजगंज के बच्चे आज भी स्टेडियम का इंतजार कर रहे हैं.'
लोकगायिका नेहा सिंह राठौर को पुलिस नोटिस भेजने पर पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा, 'जिसने यूपी में का बा गाना बनाया आपने उस पर कार्रवाई कर दी, लोग हमारी भी आलोचना करते हैं... हमने कभी नहीं की, एक व्यक्ति था जिसने कार्टून बनाया उस पर कार्रवाई नहीं की... 2023 आ गया लेकिन बीजेपी के लिए 2022 ही रहेगा क्योंकि किसानों की आय दोगुनी नहीं हुई, नीलगाय आज भी नुकसान कर रही है.'
पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा, 'लगता है दिल्ली और लखनऊ के तालमेल में कुछ गड़बड़ हो रहा है अगर दिल्ली वाले कहेंगे तो लखनऊ वाले नहीं करेंगे, कुछ गड़बड़ चल रहा है... रिकॉर्ड गन्ना खरीद, 1 लाख टन की मक्का खरीद, 5 वर्ष में 70 लाख नौकरियां, नकल मुक्त परीक्षा, लैपटॉप और टेबलेट, हर जिले में मेडिकल कॉलेज, फ्री वाईफाई ये सब कहा हैं? मैं करने के लिए नहीं बस याद दिला रहा हूं कि क्या कहा था.'
पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा, 'बीजेपी का नारा है कि सबका साथ-सबका विकास-सबका विश्वास, हम सभी विपक्ष के लोग जातिगत जनगणना चाहते हैं जिसके बिना विकास अधूरा है, सबका साथ कब होगा जब यह पता ही नहीं कि हम आंकड़ों में कितने हैं, तब तक सबका प्रयास नहीं होगा... यह देश आगे नहीं बढ़ेगा... मुझे लगता है कि अपना दल भी जाति का जनगणना चाहता है, सदन में कई लोग हैं तो यह चाहते हैं, मैं अपने लिए समर्थन जुटा सकता हूं.'