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दिल्ली में UPSC की तैयारी, दो बहनों में अकेला भाई... कॉलोनी के गेट पर करंट से मौत पर घरवालों ने सरकार को घेरा

दिल्ली में जिस युवक की कॉलोनी के गेट में करंट आने से मौत हो गई, वह पटेल नगर में करीब तीन साल से पीजी में रहकर यूपीएससी की तैयारी कर रहा था. उसके पिता गाजीपुर में वकील हैं, जबकि मां सरकारी टीचर हैं. वह दो बहनों में अकेला भाई था. मृतक युवक के परिजनों ने इस मामले में बिजली विभाग के दोषी कर्मचारियों पर कार्रवाई की मांग की है.

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दिल्ली में पोते की करंट से मौत पर क्या बोलीं दादी?
दिल्ली में पोते की करंट से मौत पर क्या बोलीं दादी?

दिल्ली के पटेल नगर में यूपीएससी की तैयारी कर रहे गाजीपुर के नीलेश राय की करंट लगने से मौत हो गई. वो तीन साल से सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी कर रहा था और तीसरी बार में उसने प्रीलिम्स में सफलता भी हासिल कर ली थी. मृतक युवक की दादी ने बताया कि उसने बेंगलुरु से बीटेक किया था और दिल्ली में रहकर नौकरी के साथ-साथ तैयारी कर रहा था. मृतक के परिजनों ने इस हादसे में जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग की है.  

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नीलेश के पिता गाजीपुर में ही वकील हैं, जबकि मां इंटर कॉलेज की टीचर हैं. इसके अलावा दादी गांव की प्रधान हैं. वह अपने मां-पिता का इकलौता लड़का था, जबकि उसकी दो बहनें हैं. बड़ी बहन की शादी हो चुकी है, जबकि छोटी बहन गाजीपुर में ही रहती है. नीलेश पटेल नगर के एक पीजी में रहकर करीब तीन साल से सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी कर रहा था. 

बारिश के बाद लोहे के गेट में आया करंट, दिल्ली के पटेल नगर में UPSC की तैयारी कर रहे युवक की मौत

युवक की दादी ने बताया कि वह पढ़ने में बहुत अच्छा था. उसने बीटेक के बाद दिल्ली में नौकरी की और अब वो नौकरी के साथ-साथ यूपीएससी की तैयारी भी कर रहा था. वह सोमवार दोपहर कुछ खरीदने के लिए पीजी से बाहर आया था और वापस जा रहा था. इसी दौरान सड़क पर बारिश का पानी जमा था और पानी से बचने के लिए उसने कॉलोनी के गेट पर हाथ रखा, जिसमें बिजली का करंट दौड़ रहा था. नीलेश तभी बिजली के करंट की चपेट में आ गया. उसका हाथ गेट में फंस गया, जबकि पैर पानी में आ गए. जहां यह हादसा हुआ है, उस गेट के ऊपर बिजली के तारों का जाल दिखाई दे रहा है. इसकी वजह से घर वाले मांग कर रहे हैं कि इस घटना में जिम्मेदार बिजली विभाग के कर्मचारियों पर कार्रवाई की जाए.  

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नीलेश के पीजी मालिक ने क्या बताया? 

जिस पीजी में नीलेश रहता था, उसके मालिक अतुल दुआ ने बताया कि वो करीब तीन साल से पीजी में रह रहा था और सिविल सेवा की तैयारी कर रहा था. वह पीजी से बाहर कुछ खरीदने के लिए आया था तभी ये हादसा हो गया. इस घटना के बाद बहुत लोग इकट्ठे थे, लेकिन करंट की वजह से किसी की हिम्मत नहीं हुई कि उसे बचाया जा सके.  

फाइल फोटो

नीलेश के परिजनों ने किसे दोषी ठहराया? 

नीलेश के परिजनों ने इस घटना के लिए दिल्ली सरकार के बिजली विभाग को दोषी ठहराया है और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है. गाजीपुर में परिजनों ने बताया है कि पोस्टमार्टम के बाद शव पिता को सौंप दिया गया और दिल्ली के ही निगम बोध घाट पर अंतिम संस्कार कर दिया गया है. नीलेश की अस्थियों को वाराणसी के मणिकर्णिका घाट पर प्रवाहित किया जाएगा.  

दिल्ली पुलिस ने घटना पर क्या कहा? 

न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, डीसीपी सेंट्रल हर्षवर्धन ने बताया कि घटना स्थल पर पहुंचने के बाद देखा कि युवक का हाथ लोहे के गेट पर है, जबकि सड़क पर पानी भरा हुआ है. युवक को तुरंत आरएमएल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. इस मामले में रंजीत नगर पुलिस स्टेशन में केस दर्ज किया गया है और आगे की जांच की जा रही है. 

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