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लखनऊ: ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के लिए लगाए गए पौधे फिर चोरी, मामला दर्ज

गमले चोरी होने की जानकारी लगते ही फर्म संचालक ने पौधे चोरी होने का केस दर्ज कराया है. मामले में फर्म संचालक अर्पित प्रताप सिंह ने रिपोर्ट दर्ज कराई है. इन्वेस्टर समिट के लिए लुलु मॉल से रायबरेली रोड तक पौधे लगाने का ठेका अर्पित को मिला था. सुशांत गोल्फ सिटी थाना में फर्म संचालक की ओर से मुकदमा दर्ज कराया गया है.

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लखनऊ में हुआ गोल्बल इन्वेस्टर्स समिट-फाइल फोटो
लखनऊ में हुआ गोल्बल इन्वेस्टर्स समिट-फाइल फोटो

लखनऊ में इन्वेस्टर्स समिट के लिए लगाए गए पौधे एक बार फिर चोरी हो गए हैं. लखनऊ की सजावट में लगे पौधे गायब होने की जानकारी लगते ही रिपोर्ट दर्ज की गई है. गमले चोरी होने की जानकारी लगते ही फर्म संचालक ने पौधे चोरी होने का केस दर्ज कराया है. मामले में फर्म संचालक अर्पित प्रताप सिंह ने रिपोर्ट दर्ज कराई है. इन्वेस्टर समिट के लिए लुलु मॉल से रायबरेली रोड तक पौधे लगाने का ठेका अर्पित को मिला था. सुशांत गोल्फ सिटी थाना में फर्म संचालक की ओर से मुकदमा दर्ज कराया गया है.

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ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2023 (UP GIS) ने औद्योगिक नगरी के रूप में बन रही ''गोरक्षनगरी'' की नई पहचान को और मजबूत कर दिया है. दशकों तक पिछड़ा माना गया गोरखपुर निवेशकों के लिए पसंदीदा जगह बनकर उभरा है. यूपी जीआईएस (UP GIS) की उपलब्धियों के आंकड़े इसकी पुष्टि करते हैं. गोरखपुर टॉप फाइव रैंकिंग वालों में शुमार हुआ है.

निवेश जुटाने के मामले में प्रदेश के सभी 75 जिलों में पूर्वांचल को लीड करते हुए गोरखपुर ओवर ऑल चौथे पायदान पर रहा है. पहले नंबर पर गौतमबुद्ध नगर, दूसरे नंबर पर आगरा, तीसरे नंबर पर लखनऊ है. निवेश जुटाने में गोरखपुर जनपद गाजियाबाद, कानपुर और मुरादाबाद से भी आगे रहा है.

1.71 लाख करोड़ रुपये से अधिक के एमओयू साइन 
दरअसल, यूपी जीआईएस में गोरखपुर को 1.71 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश के लिए एमओयू किए गए हैं. इसके धरातल पर उतरने से करीब 1.98 लोगों को रोजगार मिलने की उम्मीद है. जिले में होने जा रहे निवेश में परंपरागत उद्योगों के साथ कई नए सेक्टर भी शामिल हुए हैं.

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शानदार इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट, सुदृढ़ कानून व्यवस्था 
गौरतलब है कि बीते करीब छह सालों में शानदार इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट, सुदृढ़ कानून व्यवस्था और 'इंडस्ट्री फ्रेंडली पॉलिसी' से उत्तर प्रदेश में देश-दुनिया के निवेशकों का रुझान तेजी से बढ़ा है. इसका फायदा सिर्फ एनसीआर तक सीमित नहीं है. गोरखपुर जैसे पूर्वांचल के जिलों के प्रति भी निवेशक आकर्षित हुए हैं. बेहतरीन रोड और एयर कनेक्टिविटी की सुविधा तथा उद्यमियों की मांग के अनुरूप पर्याप्त भूमि उपलब्ध होने के चलते समूचा गोरखपुर, खासकर गोरखपुर इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी (GIDA) पहले से निवेशकों की पसंद बना हुआ है.

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