धार्मिक पर्यटन ने उत्तर प्रदेश में सैलानियों को विभिन्न विकल्प उपलब्ध कराए हैं. सरकार के प्रयासों से मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम की नगरी अयोध्या और काशी प्रमुख धार्मिक पर्यटन स्थल के रूप में नए कीर्तिमान स्थापित कर रहे हैं. वर्ष 2023 में अयोध्या में लगभग 5.76 करोड़ और काशी में लगभग 8.55 करोड़ लोगों ने भ्रमण किया. यह संख्या वर्ष 2022 में आयोध्या में पहुंचे पर्यटकों से लगभग 3.36 करोड़ और काशी में पहुंचे पर्यटकों की संख्या से लगभग 1.42 करोड़ अधिक है.
पिछले 10 दिनों में अयोध्या में 25 लाख से अधिक श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं. यह संख्या लगातार बढ़ती जा रही है. धार्मिक पर्यटन बढ़ने से अयोध्या समेत प्रदेश के अन्य जनपदों के आर्थिक परिदृश्य में तेजी से बदलाव आ रहा हैं. यह जानकारी प्रदेश के पर्यटन और संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने दी. उन्होंने बताया कि घरेलू पर्यटन के मामले में उत्तर प्रदेश पूरे देश में पहले स्थान पर है. वर्ष 2022 में प्रदेश में 31.85 करोड़ पर्यटक आए थे. यह संख्या वर्ष 2021 से लगभग 180 प्रतिशत ज्यादा है.
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करोड़ों की संख्या में काशी भी पहुंच रहे सैलानी
वर्ष 2022 में अयोध्या में कुल 2.39 करोड़ पर्यटक आए थे. इसमें 2.39 करोड़ घरेलू और 1,465 विदेशी थे. अयोध्या में वर्ष 2023 में 5.7 करोड़ लोगों ने भ्रमण किया. इसमें 5.7 घरेलू और 8,468 विदेशी पर्यटक थे. पर्यटन मंत्री ने बताया कि भगवान शिव की नगरी के रूप में विश्व विख्यात काशी में वर्ष 2022 में कुल 7.12 करोड़ पर्यटक पहुंचे थे. इसमें 7.11 करोड़ घरेलू और 83,741 विदेश से आने वाले सैलानी थे. यहां वर्ष 2023 में कुल 8.5 करोड़ पर्यटक पहुंचे, जिसमें 8.52 करोड़ घरेलू और 201,904 विदेश से आने वाले पर्यटक थे.
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काशी में 2023 में 1.18 लाख ज्यादा आए विदेशी पर्यटक
खास बात यह है कि घरेलू पर्यटकों के साथ-साथ विदेश से आने में पर्यटकों की संख्या में तेजी से वृद्धि हो रही है. काशी में वर्ष 2022 की तुलना में 2023 में 1.18 लाख से ज्यादा विदेशी पर्यटक बढ़े हैं. इसी तरह अयोध्या में वर्ष 2022 में 1,465 जबकि 2023 में 8,468 विदेशी पर्यटक आए थे. इस हिसाब से सात हजार पर्यटक बढ़ गए. मंत्री ने बताया कि 22 जनवरी 2024 को रामलला की प्राणप्रतिष्ठा के बाद यहां श्रद्धालुओं और पर्यटकों का रेला उमड़ रहा है.