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वाराणसी हत्याकांड: तीसरी शादी करना चाहता था राजेंद्र गुप्ता? खुद को बताया संस्कारी इंसान, हैंडनोट में लिखी थीं ये बातें

Varanasi Crime News: वाराणसी में गुप्ता परिवार के 5 लोगों के कत्ल के मामले में पुलिस के हाथ अभी तक खाली हैं. इस बीच परिवार के मुखिया मृतक राजेंद्र गुप्ता का हैंडनोट मिला है. इसमें उसने तीसरी शादी की बात लिखी थी.

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वाराणसी: मृतक राजेंद्र गुप्ता
वाराणसी: मृतक राजेंद्र गुप्ता

वाराणसी के कारोबारी राजेंद्र गुप्ता और उनके परिवार की हत्या के मामले में पुलिस के हाथ 9 दिन बाद भी खाली हैं. गुप्ता परिवार के 5 लोगों का कातिल पुलिस की पकड़ से दूर है. शक के आधार पर पुलिस राजेंद्र के बड़े भतीजे विशाल गुप्ता उर्फ विक्की की तलाश कर रही है. क्योंकि, विक्की के माता-पिता और दादा सहित कुल 4 लोगों की 1997 में की गई हत्या का आरोप राजेंद्र पर ही लगा था. इन सबके बीच मृतक राजेंद्र गुप्ता का एक हैंडनोट सामने आया है, जो काफी चौंकाने वाला है और पूरी घटना को नया मोड़ भी दे सकता है. तो आइए जानते है क्या लिखा है राजेंद्र ने अपने इस हैंडनोट में...

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दरअसल, राजेंद्र गुप्ता ने दो शादियां की थीं. जब राजेंद्र पर अपने सगे भाई-भाभी, पिता सहित कुल 4 लोगों की हत्या आरोप वर्ष 1997 में लगा तभी से राजेंद्र की आसनसोल (पश्चिम बंगाल) निवासी पहली पत्नी मायके में रह रही है. इसी के बाद राजेंद्र ने दूसरा प्रेम विवाह अपने ही घर के सामने रहने वाली ब्राह्मण परिवार की नीतू से किया. जिसका कत्ल उसके तीन बच्चों सहित इस हत्याकांड में कर दिया गया. 

हत्याकांड के बाद अब राजेंद्र गुप्ता का खुद लिखा हुआ लगभग ढाई पन्ने का हैंडनोट मिला है, जो नवंबर 2016 का है. इस हैंडनोट में राजेंद्र किसी के सामने अपनी सफाई पेश कर रहा है कि वो किस तरह का निहायत सीधा और सरल इंसान है. साथ ही उसका पहली पत्नी से तलाक हो चुका है. इतना ही नहीं हैंडनोट वाली कॉपी में तमाम लोगों के नाम, नंबर और बनाई गई कुंडलियां पेन से कट की गई हैं. 

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कहा जा रहा है कि राजेंद्र गुप्ता वर्ष 2016 में तीसरी शादी के फिराक में था. अधेड़ हो चुका राजेंद्र कहीं न कहीं अपने दिल में तीसरी शादी का सपना बुन रहा था. हैंडनोट में वह कथित तौर पर लड़की के पिता को अंकल कहकर संबोधित कर रहा है. ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि कहीं यही बात तो उसकी हत्या की वजह नहीं बन गई? शायद 'कातिल' नहीं चाहता था  कि राजेंद्र की अकूत संपत्ति का कोई नया वारिस आए या उसकी जिदंगी में तीसरी औरत की एंट्री हो? 

राजेंद्र के हैंडनोट में लिखा मिला-  "नमस्ते अंकल, सौ बात की एक बात मैं आपसे कहना चाहता हूं कि मुझ जैसा काबिल, कर्मठ, सच्चा, संस्कारी, चरित्रवान कुल मिलाकर सर्वगुण सम्पन्न इंसान आपको ढूंढने से भी शायद मिले. मैं अपने अंदर हमेशा कमी ढूंढता रहता हूं, लेकिन आजतक मुझे अपने अंदर कभी कोई कमी नहीं मिली. फोन पर थोड़ी देर बात करके कोई भी, किसी को कितना समझ सकता है, फ्री माइंड होकर आपसे ठीक से बात नहीं कर पाया, घबड़ाहट में शायद गलत बोल गया."

हैंडनोट में राजेंद्र ने आगे लिखा था- "मेरा तलाक फाइनल हो चुका है, जो एकदम सत्य है. मेरी पत्नी ने अब दूसरी शादी कर ली है. मेरा ससुराल बहुत सम्पन्न है. बच्चों की पढ़ाई का मुझे कोई खर्च नहीं देना, सब हो चुका. हालांकि, बच्चों के लगाव की वजह से कुछ भेज देता हूं,इसलिए कि बच्चे नफरत ना करें. बच्चे अपनी मां के साथ ही रहते हैं. मैं अकेला हूं, अब आप लोग जो कहेंगे वो करूंगा. जीवन साथी से कई फोन कॉल आते रहते हैं, लेकिन मुझे कुंडली मिलाकर ही शादी करनी है. इसलिये सबको सॉरी कहना पड़ रहा है. आप मुझे गलत मत समझिए. आपकी लड़की से कुंडली मिला तभी मैंने इंट्रेस्ट भेजा, नहीं मिलता तो नहीं नहीं भेजता. कुंडली को गुरूजी को भी दिखाया उन्होंने ओके बोल दिया. यदि आपकी लड़की की शादी होती है तो मैं विश्वास दिलाता हूं कि उसको लाइफ में कोई कष्ट नहीं होने दूंगा. दुनिया की सबसे बेहतरीन लाइफ उसे मिलेगी. आप एक राजा के घर शादी कर रहें हैं. मैं जानता हूं कि आप एक ऐसे पिता हैं जिसे अपनी बेटी के भविष्य की चिंता है."

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राजेंद्र ने हैंडनोट में लिखा- "हाथ जोड़कर रिक्वेस्ट है कि फोन पर बात करना बंद मत करिएगा, फोन नंबर ब्लॉक मत करिएगा, बात जरूर करते करिएगा, तभी आपको मेरे अंदर की सारी सच्चाई और अच्छाई धीरे-धीरे मालूम होगी. मैं आपको एक बात और बताना चाहता हूं कि मैं कोई नशा नहीं करता, यहां तक की चाय भी नहीं पीता."

गौरतलब है कि पन्ने पर नीचे फिर से शुरू हुए पैराग्राफ में राजेंद्र इस हैंडनोट की वहीं बाते दोबारा लिख रहा है. लेकिन यहां पर उसने अपना नाम राजेंद्र कुमार गुप्ता भी लिखा है. पहले की तरह फर्स्ट वाइफ से डाइवोर्स वाली बात लिखने के बाद राजेंद्र एक बार फिर अपनी तलाकशुदा पत्नी के बारे में लिखता है कि मेरी पहली पत्नी LIC में जॉब करती है. मेरी पत्नी ने जिस व्यक्ति से शादी की वो भी बहुत धनी है और LIC का ब्रांच मैनेजर है. वो शादी मेरी दादी ने बीना कुंडली देखे, बिना कुंडली मिलाए कर दी थी. सबके कुंडली में लाइफ पार्टनर का एक भाव (घर) होता है, यदि इस भाव में कोई क्रूर (जैसे- मंगल, शनि, राहू, सूर्य) बैठा होता है तो पति को काफी दिक्कत का सामना करना पड़ता है. जैसे कोर्ट-मुकदमा और नाना प्रकार की दिक्कत. 

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मालूम हो कि 5 नवंबर (मंगलवार) को वाराणसी के भेलूपुर क्षेत्र के भदैनी इलाके में रहने वाले गुप्ता परिवार के मुखिया राजेंद्र गुप्ता समेत उसकी दूसरी पत्नी नीतू, दो बेटे और एक बेटी की गोली मारकर हत्या कर दी गई. इस सनसनीखेज वारदात को आज नौवां दिन है. 

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