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'अचानक तड़तड़ाई गोलियां, बस की सीट के नीचे छिपकर बचाई जान...', Reasi Terror Attack के पीड़ित ने पिता को फोन कर बताई आपबीती

जम्मू-कश्मीर के रियासी जिले में हुए आतंकी हमले के पीड़ितों में वाराणसी के बुजुर्ग राजेश मिश्रा का बेटा और उसकी पत्नी भी शामिल है. गनीमत रही कि दोनों की जान बच गई. वे उसी बस में सवार थे, जिसपर आतंकियों ने गोलियां बरसाईं थीं, जिससे बस आउट ऑफ कंट्रोल होकर खाई में गिर गई. 

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रियासी हमले के पीड़ित पति-पत्नी की आपबीती
रियासी हमले के पीड़ित पति-पत्नी की आपबीती

जम्मू-कश्मीर के रियासी जिले में हुए आतंकी हमले में 10 लोगों की जान चली गई. आतंकवादियों ने शिवखोड़ी से दर्शन करके लौट रही तीर्थयात्रियों से भरी बस पर कायराना हमला कर दिया था. यूपी के भी कई लोग इस हमले का शिकार हुए हैं. इन्हीं में से वाराणसी के बुजुर्ग राजेश मिश्रा का बेटा और उसकी पत्नी भी शामिल है. गनीमत रही कि दोनों की जान बच गई. वे उसी बस में सवार थे, जिसपर आतंकियों ने गोलियां बरसाईं थीं, जिससे बस आउट ऑफ कंट्रोल होकर खाई में गिर गई. 

इस घटना को लेकर पीड़ित के परिजनों में भारी गुस्सा है. उनका कहना है कि इस आतंकी हमले के बदले मोदी सरकार को पाकिस्तान पर एक और सर्जिकल स्ट्राइक करना चाहिए. ताकि, आतंकवादियों द्वारा बेगुनाह लोगों पर इस तरह की कायराना हरकत फिर ना की जा सके.  

दरअसल, वाराणसी के काल भैरव क्षेत्र के हाथी गली में रहने वाले 31 साल के अतुल मिश्रा अपनी पत्नी नेहा मिश्रा (29) के साथ शादी की सालगिरह (7 जून) पर वैष्णो देवी के दर्शन के लिए गए थे. इसके बाद शिवखोड़ी गए और फिर वहां से अन्य तीर्थ यात्रियों से भरी बस में सवार होकर लौट रहे थे. जैसे ही बस ने जम्मू के रियासी जिले की सड़कों पर दौड़ना शुरू किया तभी आतंकियों ने बस पर हमला कर दिया. 

इस हमले में अब तक 37 लोग घायल हुए हैं, जबकि दो बच्चों सहित 10 लोगों की मौत हो चुकी है. आतंकी हमले की खबर जैसे ही टीवी चैनलों के जरिए अतुल के माता-पिता को मिली उनके होश उड़ गए. वह तुरंत अतुल के मोबाइल पर फोन करके संपर्क करने की कोशिश करने लगे.  लेकिन अतुल का फोन लग ही नहीं रहा था, जिससे परिवार में बेचैनी बढ़ गई. 

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पीड़ित के माता-पिता

'आज तक' से बातचीत में अतुल के पिता राजेश मिश्रा ने बताया कि टीवी के माध्यम से जानकारी होने के बाद रात करीबन 11:00 बजे जम्मू प्रशासन की तरफ से फोन आया और अतुल से बात कराई गई. तब जाकर जान में जान आई. फोन पर अतुल ने बताया था कि उसके सिर पर चोट आई है और हाथ में फ्रैक्चर भी हुआ है. वहीं, वही बहू नेहा को शरीर में अंदरूनी चोटें आई हैं. 

बस की सीट के नीचे छिपकर जान बचाई 

राजेश मिश्रा ने बताया कि जब आतंकियों ने सेना की वर्दी पहनकर हमला किया तो अतुल अपनी पत्नी के साथ बस की सीट के नीचे छिप गया ताकि किसी तरह जान बचाई जा सके. लेकिन जब बस खाई में गिर गई तो उन्हें गंभीर चोटें आईं. अतुल का हाथ फ्रैक्चर हो गया. पत्नी भी बुरी तरह घायल हो गई. 

उन्होंने आगे कहा कि अभी अमरनाथ तीर्थ यात्रा भी शुरू होने वाली है, इसलिए पीएम मोदी को कड़े कदम उठाते हुए पाकिस्तान के अंदर घुस के एक और एयरस्ट्राइक करवानी चाहिए. जिस तरह से इजराइल अपनी सुरक्षा करता है उसी तरह हमारे देश की भी सुरक्षा होनी चाहिए. हम भी ताकतवर और बड़े मुल्क हैं. जिस पाकिस्तान के पास खाने तक की औकात नहीं है वह लगातार आतंकी हमले करवा रहा है, आखिर कब तक हम शिष्टाचार करते रहेंगे?

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बातचीत के दौरान अतुल मिश्रा की मां सुनीता मिश्रा की आंखों से आंसू छलक आए. उन्होंने बताया कि टीवी के जरिए हुई जानकारी के बाद जब तक अतुल से संपर्क नहीं हुआ था तब तक उनकी और पूरे परिवार की घबराहट और बेचैनी बहुत ज्यादा बढ़ गई थी और मन में बुरे-बुरे ख्याल आ रहे थे. लेकिन रात को 11:00 बजे जम्मू प्रशासन की तरफ से जब फोन आया तब सभी की जान में जान वापस लौटी. उन्होंने बताया कि आज सुबह जब वीडियो कॉल से बात हुई तब जाकर पूरी तरह से संतुष्टि मिल पाई.  

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