उत्तर प्रदेश के उन्नाव में 6 साल पहले माखी कांड ने वहां की राजनीति में भूचाल ला दिया था. बीजेपी के पूर्व विधायक कुलदीप सिंह सेंगर पर रेप का आरोप लगाकर उन्हें जेल भिजवाने वाली पीड़िता ने अब अपने परिवार पर मुआवजे की रकम को हड़पने का केस दर्ज कराया है. इस मामले में सेंगर कोर्ट द्वारा दोषी पाए गए थे.
उन्नाव के माखी थाने में उन्नाव कांड की रेप पीड़िता ने अपनी मां, बहन, चाचा और चाचा की महिला मित्र के खिलाफ प्रताड़ित करने और सरकार के द्वारा दी गई मदद की रकम को हड़पने को लेकर ये एफआईआर दर्ज कराई है.
भाजपा विधायक रहे कुलदीप सिंह सेंगर पर रेप का आरोप लगाने वाली पीड़िता ने अपनी मां आशा सिंह, बहन मुस्कान, चाचा महेश सिंह और उसकी महिला मित्र सोनू सिंह के खिलाफ ये शिकायत की है.
परिवार पर मुआवजे का रकम हड़पने का आरोप
दर्ज कराई गई एफआईआर में आरोप लगाया गया कि माखी कांड की पीड़िता गर्भवती है और इस हालत में उसके अपने ही परिवार के लोग उसके खिलाफ षड़यंत्र रच रहे हैं जिससे उसकी और उसके पति की जान को खतरा पैदा हो गया है.
पीड़िता ने आरोप लगाया गया कि तिहाड़ जेल में बंद उसके चाचा महेश सिंह ने उसकी मां आशा सिंह के साथ मिलकर सरकार और तमाम गैर सरकारी संगठनों द्वारा उसे मिली आर्थिक मदद की रकम और सरकारी मकान हड़प लिया है.
बता दें कि जिस वक्त रेप की यह घटना हुई थी उस वक्त पीड़िता नाबालिग थी और चाचा ही उसके केस की पैरवी कर रहे थे. आरोप है कि तिहाड़ जेल में बंद महेश सिंह ने अपनी महिला मित्र सोनू सिंह के साथ मिलकर आर्थिक मदद की रकम को अपने परिवार के खाते में ट्रांसफर कर लिया है.
पीड़िता ने कहा, अब परिवार से ही मिल रही धमकी
पीड़िता ने कहा, अब जब उसे पैसे की जरूरत है तो मां, बहन, चाचा और उसकी महिला मित्र उसे धमका रहे हैं. उसने आरोप लगाया कि उसकी मां आशा सिंह कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ चुकी है, राजनैतिक पहुंच वाली हैं, वहीं चाचा अपराधिक प्रवृत्ति का है और वो खुद गर्भवती है इसलिए उसे धमका रहे हैं. वो दर दर भटकने पर मजबूर है. पुलिस ने आईपीसी की धारा 406 और 506 के तहत एफआईआर दर्ज की है.