UP News: बांदा जेल में बंद मुख्तार अंसारी के विधायक बेटे अब्बास अंसारी को चित्रकूट जेल में हर सुविधा मुहैया कराई जा रही थी. मामले का खुलासा होने के बाद चित्रकूट की रगौली जेल चर्चा में आई. जेल चर्चा में आई तो चर्चा में जेल के अधीक्षक भी आ गए. जानिए, आखिर कौन हैं जेल अधीक्षक अशोक कुमार सागर? जिनकी नाक के नीचे या यूं कहा जाए जिनकी देखरेख में अब्बास अंसारी चित्रकूट जेल के अंदर अपना राज चला रहा था...
मई 2021 में चित्रकूट जेल मैं गैंगस्टर अंशु दीक्षित और मुकीम काला के साथ कभी मुख्तार के बेहद करीबी मेराज की गैंगवार में हत्या कर दी गई. इस मामले में कार्रवाई करते हुए तत्कालीन जेल अधीक्षक को सस्पेंड कर कासगंज से एके सागर यानी अशोक कुमार सागर को चित्रकूट जेल का नया अधीक्षक बनाकर भेजा गया था. एके सागर उत्तर प्रदेश कारागार विभाग में अनुभवी जेल अधीक्षक और जेलर रहे हैं.
नैनीताल जेल के जेलर थे AK सागर
उत्तराखंड राज्य बनने के समय एके सागर नैनीताल जेल के जेलर थे जिसके बाद उन्हें बाराबंकी का जेल जेलर बनाया गया. बाराबंकी से उनका तबादला इटावा जेल किया गया. इटावा जेल के बाद बरेली सेंट्रल जेल में वह लंबे समय तक रहे. बरेली सेंट्रल जेल से कासगंज जेल भेजा गया. वहीं पर अशोक कुमार सागर जेल अधीक्षक बने.
AK सागर गोलीकांड के बाद आए थे चित्रकूट
पता हो कि मई 2021 में जब चित्रकूट जेल में अंशु दीक्षित ने मुकीम काला और मिराज को गोलियों से भून डाला और अंशु दीक्षित को पुलिस ने एनकाउंटर में ढेर कर दिया था, तो सरकार ने मामले में कार्रवाई करते हुए तत्कालीन जेल अधीक्षक को सस्पेंड कर एके सागर को चित्रकूट का जेल अधीक्षक बनाया.
जेलकर्मियों पर रुआब गांठता था अंसारी
चित्रकूट जेल में डेढ़ साल पहले हुए गैंगवार के बाद से ही बेहद संवेदनशील जेल बन गई थी और नवंबर महीने में अब्बास अंसारी के जेल में पहुंचने के बाद से इस पर अफसरों की भी हर गतिविधि पर नजर थी. लेकिन अब्बास अंसारी ने चित्रकूट जेल में पहुंचते ही पैसे के दम पर जेल कर्मियों पर अपना रुआब गांठना शुरू कर दिया था. बता दें कि 18 नवंबर 2022 को जब नैनी जेल से अब्बास अंसारी को चित्रकूट जेल लाया गया था.
गिफ्ट देकर मनमानी
कहा तो यहां तक जा रहा है कि चित्रकूट जेल में लंबे समय से बंद रहे अब्बास अंसारी की आवभगत के लिए जेलकर्मियों में होड़ मच गई थी. इसी होड़ के नतीजे ने चित्रकूट जेल में अब्बास की मनमानी की शुरुआत की थी. सूत्रों की मानें तो अब्बास अंसारी चित्रकूट जेल में पहुंचते ही जेल कर्मियों को महंगे गिफ्ट और पैसे पहुंचाने लगा था.
फिलहाल चित्रकूट जेल में अब्बास अंसारी और उसकी पत्नी की गैर कानूनी ढंग से मुलाकात और फोन से बातचीत के मामले में कार्रवाई कर दी गई है और अशोक कुमार सागर सस्पेंड कर दिए गए हैं.