यूपी की महाराजगंज लोकसभा सीट से सांसद चुने गए बीजेपी के पंकज चौधरी को भी मोदी 3.0 सरकार में जगह मिली है. चौधरी ने सातवीं बार लोकसभा का चुनाव जीता है. 2022 में उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव से पहले पीएम मोदी ने अपने मंत्रिमंडल में शिवप्रताप शुक्ल को हटाकर पंकज चौधरी को जगह दी थी. उन्हें वित्त मंत्रालय में राज्य मंत्री की जिम्मेदारी दी गई है, चौधरी की कुर्मी वोट बैंक पर मजबूत पकड़ मानी जाती है.
बता दें कि 2024 के चुनाव में पंकज चौधरी ने कांग्रेस के वीरेंद्र चौधरी को 35451 वोटों से हराया है. पंकज को 591310 वोट मिले, वहीं कांग्रेस के वीरेंद्र को 555859 मत हासिल हुए. पंकज चौधरी रिकॉर्ड बनाते हुए सातवीं बार सांसद चुने गए हैं.
7 बार चुनाव जीता
जानकारी के मुताबिक, बीजेपी नेता और सांसद पंकज चौधरी ने अपनी राजनीति की शुरुआत 1990 में गोरखपुर नगर निगम चुनाव से की थी. वह गोरखपुर नगर निगम के उप महापौर रह चुके हैं. साल 1991 में उन्होंने बीजेपी के टिकट पर महाराजगंज से लोकसभा का चुनाव लड़ा और जीत हासिल की. इसके बाद उन्होंने लगातार तीन चुनाव जीते.
लेकिन, 1999 के चुनाव में पंकज चौधरी को हार का सामना करना पड़ा. 2004 में पंकज चौधरी ने फिर से बीजेपी का परचम लहराया और 2014, 2019 और 2024 तक इसे कायम रखा.
कुर्मी वोट बैंक पर पकड़
1964 में जन्में पंकज एक बिजनेस फैमिली आते हैं. वे महराजगंज जिला बैडमिंटन एसोसिएशन के प्रेसिडेंट भी रह चुके हैं. उन्होंने गोरखपुर विश्व विद्यालय से ग्रेजुएशन की पढ़ाई की है. 2022 विधानसभा चुनाव से पहले बीजेपी शीर्ष नेतृत्व ने केंद्रीय मंत्रिमंडल में शिवप्रताप शुक्ल को हटाकर पंकज चौधरी को जगह दी थी. धीरे-धीरे पंकज ने कुर्मी वोट बैंक पर अपनी पकड़ मजबूत की.
गौरतलब है कि यूपी में कुर्मी वोटर्स की संख्या करीब 5% से 6% है. माना जा रहा है कि गठबंधन में शामिल अपना दल (एस) की कुर्मी नेता अनुप्रिया पटेल के साथ पंकज चौधरी के कद को बढ़ाकर बीजेपी पावर बैलेंस कर रही है.
इतनी है संपत्ति
चुनाव आयोग को दिए हलफनामे के मुताबिक, पंकज चौधरी ने अपनी चल सम्पत्ति 1 करोड़ 14 लाख 43 हजार 314 रुपये बताई है. इसके अलावा उनकी पत्नी भाग्यश्री के पास भी 11 करोड़ रुपये की अचल संपत्ति है. पंकज के पास तीन बंदूकें भी हैं.