मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में शुक्रवार को हुई यूपी सरकार की कैबिनेट बैठक में 23 प्रस्तावों पर मुहर लगी. नोएडा-ग्रेटर नोएडा के बीच मेट्रो रेल सेवा के एक्वा लाइन का विस्तार करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी मिल गई. नोएडा सेक्टर 51 मेट्रो स्टेशन से ग्रेटर नोएडा के नॉलेज पार्क-20 तक ट्रैफिक को और सुगम बनाने के लिए यह निर्णय लिया गया है. इसके अलावा राज्य के 9 शहरी विकास प्राधिकरणों के विस्तारीकरण के लिए सीड कैपिटल मुहैया कराने के प्रस्ताव पर भी योगी कैबिनेट ने मुहर लगा दी है.
साथ ही साथ चित्रकूट में 800 मेगावॉट के सोलर प्रोजेक्ट की ट्रांसमिशन लाइन और सबस्टेशन के लिए भी धन आंवटन को मंजूरी दी गई है. इसके अतिरिक्त मुख्यमंत्री शहरी विस्तारीकरण योजना के तहत कानपुर विकास प्राधिकरण की सीमा में 80 गांव को जोड़ने के प्रस्ताव पर भी कैबिनेट की मुहर लग गई है. यह फैसला कानपुर नगर के विकास को ध्यान में रखते हुए लिया गया है.
नोएडा-ग्रेनो एक्वा मेट्रो लाइन का होगा विस्तार
वित्तमंत्री सुरेश खन्ना ने शुक्रवार को लोकभवन में मीडिया को बताया कि नोएडा से ग्रेटर नोएडा तक यातायात को और सुगम बनाने के लिए 17.435 किमी लंबी नोएडा सेक्टर-51 मेट्रो स्टेशन से ग्रेटर नोएडा के नॉलेज पार्क-20 तक मेट्रो लाइन के विस्तार के संबंध में मंत्रीमंडल द्वारा प्रस्ताव स्वीकृत किया गया है. इसमें 394 करोड़ रुपए भारत सरकार और 394 करोड़ रुपए राज्य सरकार की ओर से खर्च किये जाएंगे. राज्य सरकार की ओर से 40 प्रतिशत धनराशि नोएडा और 60 प्रतिशत धनराशि ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण द्वारा स्वीकृत की जाएगी.
कानपुर विकास प्राधिकरण में जुड़ेंगे 80 गांव
वित्तमंत्री सुरेश खन्ना ने बताया कि मंत्री परिषद् ने कानपुर विकास प्राधिकरण की सीमा में 80 गांव जोड़ने का फैसला लिया है. कानपुर नगर के विकास को ध्यान में रखते हुए इस प्रस्ताव को स्वीकृत किया गया है. यह फैसला मुख्यमंत्री शहरी विस्तारीकरण योजना के अंतर्गत लिया गया है. इसके अलावा प्रदेश के अन्य शहरी क्षेत्रों के विस्तार के लिए 3,000 करोड़ रुपए प्रस्तावित किया गया था. इसमें 9 विकास प्राधिकरण और आवास विकास परिषद को भूमि खरीद के लिए 50 प्रतिशत पैसा दिया जा रहा है.
इसके तहत सहारनपुर, मथुरा-वृंदावन, फिरोजाबाद, शिकोहाबाद, लखनऊ, मुरादाबाद, खुर्जा, बांदा एवं मेरठ विकास प्राधिकरणों की 14 योजनाओं में सीड कैपिटल के रूप में 4164.16 करोड़ रुपए प्रदान करने का प्रस्ताव स्वीकृत किया गया है. इस वित्तीय वर्ष में इसके लिए 1285 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं.
उत्तर प्रदेश में बनेगा गारंटी रिडम्प्शन फंड
वित्तमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा बुनियादे ढांचे, सहकारिता और ग्राम विकास जैसे विभागों को विभिन्न फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशन से कर्ज उपलब्ध कराया जाता है. केंद्रीय वित्त आयोग और कैग की गाइडलाइंस के अनुसार यूपी में गारंटी रिडम्पशन फंड बनाने का निर्णय लिया गया है. इसके तहत किसी भी विभाग का लोन अगर डिफॉल्ट होता है तो फंड से भुगतान किया जा सके. देश के 19 राज्यों में इस फंड का प्रावधान है. उत्तर प्रदेश सरकार ने इस फंड के लिए 1,63,399.82 करोड़ रुपए की गारंटी ली है. इस फंड में 8,170 करोड़ रुपये रखने का फैसला लिया गया है. साथ ही हर वर्ष यूपी के आम बजट में 1,634 करोड़ रुपए का प्रावधान इस फंड के लिए किया जाएगा. उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश का कोई भी विभाग डिफॉल्टर नहीं है.
एक्स्ट्रा न्यूट्रल अल्कोहल GST से बाहर हुआ
वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने बताया कि सेंट्रल एक्ट में संशोधन के बाद उत्तर प्रदेश में भी जीएसटी में संशोधन का फैसला मंत्री परिषद् द्वारा किया गया है. इसके तहत एक्स्ट्रा न्यूट्रल अल्कोहल (अल्कोहल युक्त पेय पदार्थ बनाने के लिए प्राथमिक कच्चा माल है) को जीएसटी से निकालकर वैट में डाला गया है. इससे यूपी का राजस्व बढ़ेगा. अब तक एक्स्ट्रा न्यूट्रल अल्कोहल से 50 परसेंट राजस्व यूपी को मिलता था, जबकि इस फैसले के बाद 100 प्रतिशत राजस्व लाभ मिलेगा. इससे प्रदेश में शराब के दामों में कोई परिवर्तन नहीं आएगा.
सोलर एनर्जी के लिए 620 करोड़ रुपये मंजूर
नगर विकास और ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने बताया कि बुंदेलखंड सौर ऊर्जा के बहुत बड़े पोटेंशियल के रूप में उभर कर सामने आया है. राज्य में वर्तमान में 4 हजार मेगावाट की सौर ऊर्जा परियोजनाएं क्रियान्वयन के अलग-अलग स्तर पर हैं. फिलहाल चित्रकूट में 800 मेगावॉट की परियोजना निर्माणाधीन है. इससे उत्पादित बिजली का ट्रांसमिशन भारत सरकार की ग्रीन एनर्जी कॉरिडोर के जरिए की जाएगी. इसके लिए 400/220 केवी और 500 एमवीए की दो लाइनें बनाई जाएंगी, जिस पर 619.90 करोड़ की लागत आएगी. इनके लिए मंत्रीपरिषद् से मंजूरी मिल गई है.
एके शर्मा ने बताया कि इस राशि से सब स्टेशन और ट्रांसमिशन लाइनें बनाई जाएंगी. भारत सरकार इसमें सहायता दे रही है. इसमें 33 प्रतिशत यानी 204.57 करोड़ रुपए भारत सरकार कैपिटल ग्रांट के रूप में देगी. वहीं 20 प्रतिशत यानी 23.98 करोड़ रुपए राज्य सरकार कैपिटल इक्विटी के रूप में लगाएगी. साथ ही 47 प्रतिशत यानी 291.35 करोड़ रुपए जर्मनी की संस्था केएफडब्ल्यू से लोन लेकर इसको कार्यान्वित किया जाएगा. उन्होंने बताया कि ग्रीन एनर्जी कॉरिडोर के अंतर्गत 4000 करोड़ रुपए से अधिक के प्रोजेक्ट भारत सरकार ने मंजूर किये हैं, जिसके तहत ये कार्य भी हो रहा है.
यूपी में चलेंगे 71 नए राजकीय महाविद्यालय
उत्तर प्रदेश में उच्च शिक्षा के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए प्रदेश सरकार की ओर से नवनिर्मित व निर्माणाधीन 71 महाविद्यालयों को राजकीय महाविद्यालयों के रूप में चलाया जाएगा. यहां पर सामान्य शुल्क में उच्च शिक्षा के अवसर मिलने के साथ ही 2556 पदों पर भर्ती भी होगी. उच्च शिक्षा विभाग के इस प्रस्ताव पर शुक्रवार को कैबिनेट ने मुहर लगा दी है. उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने बताया कि वर्तमान में 171 राजकीय महाविद्यालय चल रहे हैं. इसी क्रम में 71 अन्य महाविद्यालयों में 17 को राज्य विश्वविद्यालयों के संघटक महाविद्यालयों के रूप में चलाया जा रहा है, जबकि अन्य बनकर लगभग तैयार हैं. अब इन सभी 71 महाविद्यालयों का संचालन सरकार करेगी.
यह सभी राजकीय महाविद्यालय के रूप में चलेंगे और यहां पर सभी सुविधाएं व शुल्क भी राजकीय महाविद्यालयों वाले लगेंगे. इन महाविद्यालयों का पूरा विकास खर्च सरकार वहन करेगी, जिनमें कला, वाणिज्य व विज्ञान संकाय की पढ़ाई शुरू की जाएगी. इसके लिए प्रिंसिपल के 71, असिस्टेंट प्रोफेसर के 1136, तृतीय श्रेणी कर्मचारियों के 639 व चतुर्थ श्रेणी के 710 पदों पर भर्ती की जाएगी. इसमें 1846 पद सृजित किए जाएंगे, जबकि चतुर्थ श्रेणी के 710 पदों के लिए संविदा कर्मचारी रखे जाएंगे. प्रदेश में अभी 11.70 लाख जनसंख्या पर एक राजकीय महाविद्यालय है. इन 71 राजकीय महाविद्यालयों के शुरू होने के बाद 8.26 लाख जनसंख्या पर एक राजकीय महाविद्यालय चलेगा. बिजनौर में निजी विश्वविद्यालय को अनुमति दी गई है, अगले पांच साल में हर जिले में एक विश्वविद्यालय खोलने की बात कही गई है.