उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार आगामी महाकुंभ 2025 में श्रद्धालुओं और पर्यटकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ-साथ इसे भव्य और यादगार बनाने के लिए अथक प्रयास कर रही है. प्रयागराज में महाकुंभ के लिए सात स्तरीय सुरक्षा की योजना बनाई गई है. पूरे आयोजन के दौरान सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखने के लिए 37,000 से अधिक जवान तैनात किए जाएंगे.
मेला क्षेत्र को 10 जोन, 25 सेक्टर, 56 थाने और 155 चौकियों में बांटा जाएगा. मेला क्षेत्र में महत्वपूर्ण धार्मिक स्थलों, शिविरों, पुलों और घाटों पर विशेष सुरक्षा व्यवस्था की जाएगी. आतंकी गतिविधियों से निपटने के लिए खुफिया एजेंसियां अलर्ट पर रहेंगी. 1300 से अधिक महिला पुलिसकर्मी महिला श्रद्धालुओं को सुरक्षा प्रदान करेंगी.
इन सुरक्षा उपायों को मजबूत करने के लिए, योगी सरकार ने 10 अलग-अलग सिक्योरिटी ऑपरेशन की योजना भी बनाई है, जो मेले की पूरी अवधि के दौरान चलाए जाएंगे. योगी सरकार यह सुनिश्चित करना चाहती है कि महाकुंभ 2025 न केवल अपनी आध्यात्मिक भव्यता के लिए, बल्कि अपनी मजबूत सुरक्षा व्यवस्था के लिए भी जाना जाए.
सीएम योगी ने हाल ही में व्यक्तिगत रूप से तैयारियों की समीक्षा करने के लिए प्रयागराज का दौरा किया था. इस दौरान सुरक्षा उपायों पर चर्चा करने के लिए उन्होंने अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक भी की थी और श्रद्धालुओं की हर स्तर पर सुरक्षा सुनिश्चित करने का स्पष्ट निर्देश दिया. उनके निर्देश के बाद अधिकारियों ने महाकुंभ के लिए सात स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था की योजना बनाई है.
इस सात स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था का लक्ष्य न केवल किसी भी आपात स्थिति पर त्वरित प्रतिक्रिया देना है, बल्कि संभावित घटनाओं को पहले से ही रोकना, सभी आगंतुकों के लिए एक सुरक्षित और सहज अनुभव सुनिश्चित करना है.
सुरक्षा के सात चरण इस प्रकार होंगे
प्रथम चरण- मेला क्षेत्र में प्रवेश से पहले स्क्रीनिंग
दूसरा चरण- ट्रेनों, बसों और निजी वाहनों की जांच
तीसरा चरण- राज्य की सीमाओं पर सघन जांच
चौथा चरण- जोन की सीमाओं और टोल प्लाजा पर चेकिंग
पांचवां चरण- प्रयागराज की सीमाओं पर सुरक्षा जांच
छठा चरण- मेला क्षेत्र के बाहरी इलाकों की निगरानी
सातवां चरण- इनर और आइसोलेशन घेरे में सुरक्षा जांच
महाकुंभ 2025 के लिए पुलिस की भारी तैनाती
श्रद्धालुओं के लिए सुरक्षित अनुभव सुनिश्चित करने के लिए 37,611 पुलिसकर्मी तैनात किए जाएंगे. इनमें 22,953 पुलिसकर्मी मेला क्षेत्र के लिए, 6,887 पुलिसकर्मी प्रयागराज कमिश्नरेट के लिए, 7,771 पुलिसकर्मी जीआरपी के लिए और 1,378 महिला पुलिसकर्मी महिला श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए होंगी. साल 2013 के महाकुंभ में 22,998 और 2019 के अर्धकुंभ में 27,550 पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई थी.
महाकुंभ 2025 के दौरान सुचारू सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन सुनिश्चित करने के लिए एक विस्तृत योजना बनाई गई है, ताकि श्रद्धालु बिना किसी डर के अपनी तीर्थयात्रा पूरी कर सकें. निगरानी के लिए विभिन्न विभागों और स्थानीय इंटेलिजेंस यूनिट्स के बीच समन्वय के साथ, विभिन्न बलों के जवानों को तैनात किया जाएगा.
इस प्रकार होगी सुरक्षा बलों की तैनाती
सिविल पुलिस: 18,479
महिला पुलिस: 1,378
ट्रैफिक पुलिस: 1,405
सशस्त्र पुलिस: 1,158
घुड़सवार पुलिस: 146
परिवहन शाखा: 230
एलआईयू: 510
जल पुलिस: 340
होम गार्ड: 13,965
सुरक्षा के लिए हाई-टेक उपाय
पूरे कार्यक्रम में हर समय सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए 10 विशेष सुरक्षा अभियान चलाए जाएंगे. एआई-इनेबल्ड सीसीटीवी कैमरे तस्वीरों, पहचान चिह्नों और तकनीकी सेवा प्रदाताओं (टीएसपी) से इनपुट का उपयोग करके भीड़ की निगरानी करेंगे. इंटीग्रेटेड कंट्रोल एंड कमांड सेंटर (ICCC) खुफिया जानकारी जुटाने और रियल टाइम मॉनिटरिंग के लिए सेंट्रल हब के रूप में कार्य करेगा.