पूर्व केंद्रीय मंत्री वीके सिंह के खिलाफ यूट्यूब पर अपमानजनक कंटेंट बनाने के आरोप में पुलिस ने यूट्यूबर को गिरफ्तार किया है. एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि गाजियाबाद के पूर्व लोकसभा सांसद वीके सिंह द्वारा की गई शिकायत के बाद कविनगर पुलिस स्टेशन के अधिकारियों ने आरोपी की गिरफ्तारी की है.
न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक अधिकारी ने कहा कि मामले में जिन लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है उनमें न्यूज पोर्टल के संपादक रण सिंह और शहर के लोहा व्यापारी आनंद प्रकाश शामिल हैं, जिन्होंने कथित तौर पर वीके सिंह के बारे में कई गलत दावे किए थे.
वीके सिंह की शिकायत पर हुई गिरफ्तारी
यूट्यूबर ने अपने चैनल पर कारोबारी के दावों को लेकर कंटेट दिखाया था जिसमें कहा गया था कि वीके सिंह ने अपने कार्यकाल के दौरान आवास का किराया भी नहीं दिया. अपनी शिकायत में पूर्व सेना प्रमुख वीके सिंह ने वीडियो के दावे को निराधार और झूठा बताया था.
उन्होंने इसको लेकर कहा, 'इस कंटेंट के जरिए राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के साथ-साथ उत्तर प्रदेश और पूरे समाज में मेरी छवि खराब की गई है. इस कृत्य को नजरअंदाज या माफ नहीं किया जा सकता है; इससे मेरी भावनाएं आहत हुई हैं.' उन्होंने कहा, इस मामले में हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट ने कोई आदेश पारित नहीं किया, तो कोई व्यवसायी सोशल मीडिया पर इस तरह के झूठे बयान कैसे जारी कर सकता है.'
पुलिस ने क्या कहा ?
पुलिस उपायुक्त (शहर) राजेश कुमार सिंह ने कहा कि आरोपी यूट्यूबर को गिरफ्तार कर लिया गया है और आगे की जांच जारी है. उन्होंने कहा कि एफआईआर बीएनएस धारा 356 (मानहानि), 352 (शांति भंग करने के इरादे से जानबूझकर अपमान), 61(2) (आपराधिक साजिश में शामिल होना) और आईटी अधिनियम के प्रावधानों के तहत दर्ज की गई थी. वहीं इसको लेकर वीके सिंह ने कहा, 'पुलिस फिलहाल जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई शुरू करने के लिए मामले की जांच कर रही है.'