महाकुंभ 2025 का समापन महाशिवरात्रि के दिन हुआ और इस अवसर पर 45 दिनों में 66.3 करोड़ लोगों ने पवित्र स्नान किया. यह आयोजन अपने विशाल आकार और महत्व के कारण दुनिया के सबसे बड़े जनमत संग्रह के रूप में माना जा रहा है. यह 'साइलेंट रेवोल्यूशन' भारत के हिंदुओं की बदलती मानसिकता का प्रतीक है.