हर साल धान कटाई के बाद पराली जलाने की घटनाएं बढ़ जाती हैं, जिससे वायू प्रदुषण में इजाफा होता है. ऐसे में बायो डिकंपोजर की डिमांड बढ़ गई है.
साल 2020 में पूसा इंस्टीट्यूट बायो डिकम्पोजर कैप्सूल लेकर आई थी.
इस कैप्सूल का घोल बनाकर छिड़काव करने से कुछ ही हफ्तों में खाद पराली में तब्दील हो जाती है.
पूसा इंस्टीट्यूट के मुताबिक, 4 कैप्सूल से 25 लीटर तक बायो डिकंपोजर घोल बनाया जा सकता है.
25 लीटर घोल में 500 लीटर पानी मिलाकर इसका छिड़काव ढाई एकड़ में किया जा सकता है.
ये पराली को एक हफ्ते में ही सड़ाकर खाद बना सकता है.
छिड़काव करने के बाद पराली को जल्द से जल्द मिट्टी में मिलाना या जुताई करना बेहद जरूरी है.
पूसा इंस्टीट्यूट से इस कैप्सूल को आप खरीद सकते हैं. इसके 4 कैप्सूल की कुल कीमत 40 रुपये है.