बदलते मौसम में मवेशियों को कई बीमारी का खतरा! जानें लक्षण और बचाव के उपाय

29 Oct 2024

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आजकल खेती-किसानी के अलावा किसान पशुपालन का भी बिजनेस करते हैं. भारत के ग्रामीण इलाकों में रहने वाले किसानों की कमाई का जरिया पशुपालन ही है.

ऐसे में कुछ बातों का ध्यान रखकर आप सर्दियों में अपने मवेशियों का ख्याल रख सकते हैं. तो चलिए जानते हैं लक्षण और बचाव के उपाय.

सर्दियों के मौसम में मवेशियों को निमोनिया का खतरा ज्यादा रहता है. खासकर सर्दियों में पशुओं के बच्चों को निमोनिया का खतरा ज्यादा होता है.

इसके अलावा पशु सर्दी, जुकाम और बुखार के चपेट में ज्यादा आ जाते हैं. इस समय पशुओं में थनैला रोग भी हो जाता है.

ऐसे में कुछ बातों का ध्यान रखकर आप सर्दियों में अपने मवेशियों का ख्याल रख सकते हैं. तो चलिए जानते हैं लक्षण और बचाव के उपाय.

ऐसे में बीमार पशुओं को हरा चारा देना बिल्कुल कम देना चाहिए. पशुओं को 80 प्रतिशत भूसा और 20 प्रतिशत हरा चारा मिलाकर देने से उनका स्वास्थ्य ठीक रहेगा. 

बदलते मौसम में पशुओं में खुरपका-मुंहपका, निमोनिया, जुकाम और कीड़े और बीमारियों की संभावना अधिक बढ़ जाती है, ऐसे में फौरन पशु चिकित्सक से संपर्क करें.

पशुओं को ताजा और स्वच्छ पानी ही पिलाएं, इसके साथ ही जिस जगह पर पशु को रख रहे हैं वहां प्लास्टिक या बोरे से घेर दें. 

पशुओं के आहार पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है. 24 घंटे में 2 किलो गुड़ का रस जरूर दें. 

दूध निकालने के तुरंत बाद साफ-गर्म पानी में जंतु नाशक दवा मिलाकर पशुओं के थनों की सफाई करें.