23 Dec 2024
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ठंड का कहर पूरे उत्तर भारत सहित पहाड़ी इलाकों में दिख रहा है.
इस मौसम में जानवरों को कई समस्याएं होती हैं. इसके साथ ही कई तरह की बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है. आइए जानते हैं पशुपालक कैसे पशुओं का ख्याल रख सकते हैं.
सर्दियों में पशुओं को सर्दी, तेज बुखार, खांसी, शरीर में दर्द, मांसपेशियों में दर्द, सांस लेने में दिक्कत होती है.
ये निमोनिया के मुख्या कारण हैं, अगर आपके पशुओं में ऐसे लक्षण दिखें तो जल्द से जल्द डॉक्टर से मिलें.
पशुओं को निमोनिया से बचाने के लिए उन्हें साफ-सुथरी जगह पर रखें. इसके साथ ही पशु का कमरा गर्म होना चाहिए.
पशुओं को कंबल और जूट आदि ओढ़ाएं. इस बात का ध्यान रखें कि कंबल साफ और सूखा हो.
सर्दियों में दुधारू पशु पानी कम पीते हैं, जिसकी वजह से उनमें पथरी का खतरा बढ़ जाता है.
इस समस्या से बचाने के लिए पशुपालकों को पशु चिकित्सक की सलाह से उन्हें प्रतिदिन 20 ग्राम नौसादर खिलाना चाहिए.
सर्दियों में पशुपालक अपने घर के पशुओं को हरा तारा न खिलाएं, उन्हें गेहूं की भूसी या पुआल भी शामिल करें.
हरे चारे में 90 प्रतिशत पानी मौजूद होता है. जिससे पशुओं के शरीर का तापमान कम हो जाता है. जिससे गाय-भैंस बीमार हो जाते हैं.
इसके साथ ही पशुओं को गर्म रखने के लिए सरसों की खली खिलाना चाहिए, जिससे शरीर में गर्मी बनी रहती है,
इसके अलावा पशुओं को गर्म रखने के लिए पशुओं को सरसों की खली भी दें, इससे उनकी शरीर में गर्मी बनी रहती है.