आपने बर्गर की स्टफिंग में हरी पत्तियां देखी होंगी.
हालांकि, इसे खाते हुए इन पत्तियों के बारे में ज्यादा नहीं सोचा होगा.
ये पत्तियां बाजार में काफी महंगी कीमत 200 से 300 रुपये किलो) पर बिकती है. इसे रोमन लेट्यूस नाम से जाना जाता है.
बर्गर पिज्जा के अलावा लेट्यूस के पत्तियों का उपयोग सलाद के तौर पर भी होता है.
खेती-किसानी में नई-नई तकनीकें आने के बाद अब लेट्यूस की खेती भारत में भी होने लगी है.
लेट्यूस में मौजूद प्रोटीन और अमीनो एसिड जैसे पोषक तत्व सेहत के लिए काफी फायदेमंद होते हैं.
इसकी खेती परंपरागत के अलावा हाइड्रोपोनिक तरीके से भी की जा सकती है.
लेट्यूस की फसल सिर्फ 40 से 50 दिनों में ही तैयार हो जाती है.
सालभर में इस फसल से कई बार पैदावार ले सकते हैं.
किसान पॉलीहाउस या ग्रीनहाउस में इस फसल की खेती कर बढ़िया मुनाफा कमा सकते हैं.
यहां लेट्यूस के पौधों की बिजाई के बजाय, इसकी नर्सरी तैयार करके इसकी रोपाई की जाती है.