बकरी पालन का बिजनेस करने वाले इन बातों का रखें ध्यान, नहीं तो हो सकता है नुकसान

17 Dec 2024

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भारत के ज्यादातर किसानों की आय का साधन खेती-किसानी और पशुपालन है. 

लेकिन खेती-किसानी या पशुपालन करने से पहले आपको कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है. आजकल काफी लोग बकरी पालन का बिजनेस कर रहे हैं. 

बकरी पालन के लिए सही नस्ल का ध्यान रखना जरूरी है. इसके साथ ही अपने क्षेत्र के मौसम का भी ध्यान रखें.

बकरी पालन में बकरियों के आहार और पोषण का विशेष ध्यान रखना होगा. उनकी डाइट में संतुलित पोषण, विटामिन्स और मिनरल्स शामिल करें. पानी की भी कोई कमी न हो.

बकरियों के रहने के लिए स्वच्छ और सुरक्षित आवास का प्रबंध करें. उनके रहने का स्थान साफ़-सुथरा और हवादार होना चाहिए ताकि उन्हें किसी प्रकार की स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं न हो.

इसके साथ ही बकरियों के नियमित टीकाकरण और स्वास्थ्य जांच करवाना बेहद जरूरी है. इससे बीमारियों से बचा जा सकता है और बकरियों की मृत्यु दर कम होती है.

बीटल नस्ल बकरियों की सबसे अच्छी नस्लों में शामिल है. ये बकरियां काली, गहरी लाल और धब्बेदार होती हैं. बीटल नस्ल की बकरियां रोजाना डेढ़ लीटर तक दूध दे सकती है.

इसके साथ ही बकरियों की देशी नस्ल उस्मानाबादी नस्ल की बकरियों का दूध बहुत ही पौष्टिक होता है. ये बकरियां रोजाना डेढ़ लीटर तक दूध दे सकती हैं. ये साल में दो बार 2-2 करके बच्चे देती हैं.

बकरियों की सबसे खास नस्लों में ब्लैक बंगाल नस्ल का नाम भी है. इन बकरियों का जीवनकाल 8-10 साल तक होता है. इनके मीट की कीमत 1000 रुपये किलो तक होती है.

सोनपरी नस्ल की बकरियां छोटी-छोटी होती हैं और बहुत जल्दी तैयार हो जाती हैं. ये बकरियां आमतौर पर उत्तर प्रदेश के सोनभद्र, मिर्जापुर, भदोही और बनारस जिले में पाई जाती हैं.