सर्दी के मौसम में गमले में उगाएं पालक, 40 दिन में होगा तैयार, जान लें तरीका

29 Oct 2024

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भारत एक कृषि प्रधान देश है यहां एक बड़ा वर्ग खेती-किसानी पर निर्भर है. आजकल बड़े पैमाने पर लोग घर में बागवानी कर रहे हैं.

घर में बागवानी के कई फायदे हैं, आपको फ्रेश सब्जी और फल खाने को मिलते हैं, इसके साथ-साथ पैसे की बचत भी होती है.

नवंबर-दिसंबर में आप घर के गमले में पालक लगा सकते हैं, बुवाई के 40 दिन बाद ही पालक की फसल तैयार हो जाता है. एक बार काटने के बाद आप इसके फसल तीन से चार बार काट सकते हैं.

पालक को आप रेतली, चिकनी, और जलोढ़ मिट्टी में लगा सकते हैं. पालक की मिट्टी में कार्बनिक पदार्थ जैसे कम्पोस्ट या कम्पोस्ट खाद प्रचुर मात्रा में होनी चाहिए.

पालक को गमले में लगाने के लिए 8-10 इंच का गमला या पॉट खरीदें. इस बात का ध्यान रखें कि गमले में पानी के निकासी के लिए छेद हो.

गमले में 2 भाग सामान्य मिट्टी, 1 भाग बालू और 1 भाग जैविक खाद मिलाएं. इसे गमले में भरकर हल्के से दबा दें.

पालक के बीजों को गमले में बिखेर दें और हल्की मिट्टी की परत से ढक दें. पानी का छींटा डालें ताकि मिट्टी नम रहे. ध्यान रखें कि पानी अधिक न हो, वरना बीज सड़ सकते हैं.

गमले को ऐसी जगह पर रखें जहां पर्याप्त धूप आती हो. पालक को दिन में करीब 4-5 घंटे धूप मिलनी चाहिए. 20-25 दिनों बाद पौधे अंकुरित होने लगेंगे.

नियमित अंतराल पर पानी देते रहें और बढ़ते पौधों से खरपतवार हटाते रहें. लगभग 40 दिनों बाद पालक की पत्तियां तैयार हो जाती हैं.