17 Dec 2024
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ठंड का मौसम कई प्रकार के फलों के पौधों के लिए चुनौतीपूर्ण होता है. हालांकि, अगर सही तकनीकों का पालन किया जाए, तो अमरूद समेत अन्य फलों के पौधों पर ठंड का प्रतिकूल असर कम किया जा सकता है.
कृषि विशेषज्ञों की सलाह से आप अपने फलों के बगीचे की रक्षा कर सकते हैं और उन्हें सर्दियों के लिए तैयार कर सकते हैं.
उत्तरी भारत के मैदानी क्षेत्रों में दिसंबर और जनवरी में जब तापमान अत्यधिक गिर जाता है और पाले जैसी स्थिति हो जाती है, जिससे पौधों की पत्तियां, पतली टहनियां/ शाखाएं, फूल और विकसित हो रहे फल मर जाते हैं.
इससे पपीता, आम, लीची, नींबू समूह के फल, अमरूद आदि में अधिक नुकसान होता है. नए रोपे गए पौधों पर भी कम तापमान एवं पाले का अधिक प्रभाव दिखाई देता है, जिससे पौधे मर भी जाते हैं.
किसानों इन सबसे बचाव के लिए जो अत्यधिक स्थायी उपाय हैं वह पाले को सहन सील पौधे जिसमें किन्नू, लोकाट, अमरूद, मैंडरिन और मीठी नारंगी आदि का रोपण है.
बगीचे में लकड़ियां या फूस एकत्रित कर, उस पर मूवी ऑल डालकर, उसको जलाकर हल्का धुआं करना चाहिए. नए पौधों को फूंस या टाट से पूर्व दिशा खुला छोड़ कर ढक देते हैं.
इन तरीकों को अपनाकर आप अपने बगीचा और फल दे रहे फलों के पौधों को सर्दी में बचाकर अधिक लाभ प्राप्त कर सकते हैं.