दिल्ली-एनसीआर में हर साल पराली जलाने की घटनाओं के से पॉल्यूशन लेवल खतरनाक स्तर को पार कर जाता है.
किसानों को पराली जलाने से रोकने के लिए सरकार कई तरह की कवायद करती है.
आपको बता दें कि सड़कों को बनाने में पराली का उपयोग किया जाता है. ऐसा संभव है बायो-बिटुमन तकनीक से.
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी भी इस तकनीक के बारे में जिक्र कर चुके हैं.
दरअसल, अब तक बायो-बिटुमन में बजरी व अन्य पत्थरों का उपयोग होता था.
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने पिछले साल कहा था इस तकनीक के तहत अब पराली का उपयोग बायो-बिटुमेन तैयार करने के लिए किया जाएगा.
बायो बिटुमेन तकनीक से सड़क बनाने में अभी तक पराली का उपयोग नहीं देखा गया है. भारत ऐसा करेगा तो इस तरह का पहला प्रयोग होगा.