खेती करने वाले किसान 3 साल में जरूर कराएं मिट्टी की जांच, जानें सैंपल भेजने का तरीका

17 Dec 2024

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अगर आप एक किसान हैं और खेती करते हैं तो आपको कुछ बातों का विशेष ध्यान रखना चाहिए.

सबसे पहले खेती करने वाले किसान समय-समय पर मिट्टी की जांच करा लें.

समय पर मिट्टी जांच से किसानों को अपनी फसलों की उत्पादकता बढ़ाने, उर्वरकों का उचित उपयोग करने और कृषि को सुरक्षित रखने की जानकारी मिलती है.

ऐसे में किसानों को ये जानना जरूरी है कि कितने समय बाद मिट्टी की जांच करनी चाहिए और कैसे करनी चाहिए. आइए जानते हैं.

खेती करने वाले किसानों को हर तीन साल के अन्तराल पर अपने खेत की मिट्टी का परीक्षण जरूर करवाना चाहिए. तो चलिए जानते हैं सैंपल पैक करने का तरीका.

मिट्टी के नमूने को बांधने के लिए एक साफ कपड़े की थैली में डालें. ऐसी थैलियों में नमूने न डालें जो पहले खाद के प्रयोग में लाई जा चुकी हो.

सैंपल बांधने के लिए एक लेबल थैली के अंदर डालें और थैली अच्छी तरह से बंद करके उसके बाहर भी एक लेबल लगा दें.

मिट्टी का सैंपल लेने से पहले मिट्टी के ऊपर के घास-फूस को साफ करें. भूमि की सतह से हल की गहराई (0-15 से.मी.) तक की मिट्टी की टुकड़ी लें. यदि आपको फावड़े या खुरपे का प्रयोग करना हो तो "V" के आकार में गहरा गड्ढा बनायें. 

अब एक ओर से ऊपर से नीचे तक 2-3 सें.मी. मोटाई की मिट्टी की एकसार टुकड़े काटें. फिर एक खेत में 10-12 अलग-अलग स्थानों से मिट्टी की टुकड़ियां लें और उन सबको एक भगोने या साफ कपड़े में इकट्ठा करें. 

अगर खड़ी फसल से नमूना लेना हो, तो मिट्टी का नमूना पौधों की कतारों के बीच वाली खाली जगह से लें. 

मिट्टी का सैंपल लेते समय कभी भी रासायनिक खाद की पट्टी वाली जगह से नमूना न लें, जिन स्थानों पर पुरानी बाड़, सड़क हो और जहां गोबर खाद का पहले ढेर लगाया गया हो या गोबर खाद डाली गई हो, वहाँ से मिट्टी का नमूना न लें.