01 Oct 2024
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गन्ने की खेती में फसल का लाभ लेने के लिए किसानों को एक साल तक इंतजार करना पड़ता है.
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इससे उन्हें आमदनी की समस्या होने लगती है और कई बार घर चलाना तक मुश्किल हो जाता है.
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ऐसे में आप इंटर क्रॉपिंग तकनीक के जरिए ज्यादा और जल्दी कमाई कर सकते हैं.
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इंटरक्रॉपिंग से उर्वरक, कीटनाशक, सिंचाई और प्रबंधन पर अतिरिक्त खर्च नहीं करना पड़ता, क्योंकि गन्ने के साथ-साथ सब्जियों की देखभाल भी आसानी से हो जाती है.
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शरदकालीन गन्ने की बुवाई के साथ-साथ आप आलू की इंटरक्रॉपिंग कर लाखों रुपये कमा सकते हैं. अगर आप प्रति एकड़ 8 क्विंटल आलू के बीज बोते हैं तो इससे प्रति एकड़ 100 क्विंटल आलू की पैदावार हो सकती है.
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अगर गन्ने के साथ फूलगोभी की इंटरक्रॉपिंग की जाए तो प्रति एकड़ 200 ग्राम बीज की जरूरत होती है. इससे प्रति एकड़ 100 से 110 क्विंटल फूलगोभी की पैदावार हो सकती है.
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इसी तरह, पत्ता गोभी की इंटरक्रॉपिंग के लिए भी 200 ग्राम बीज की जरूरत होती है, जिससे प्रति एकड़ 100 से 110 क्विंटल पत्ता गोभी की पैदावार हो सकती है.
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अगर गन्ने के साथ प्याज की इंटरक्रॉपिंग की जाए, तो प्रति एकड़ 3 किलो प्याज के बीज की जरूरत होती है, जिससे प्रति एकड़ 80 से 100 क्विंटल प्याज की पैदावार प्राप्त की जा सकती है.
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लहसुन की इंटरक्रॉपिंग के लिए गन्ने के बीच खाली स्थान में तीन लाइनों में लहसुन की बुवाई की जाती है, तो प्रति एकड़ 20 से 30 क्विंटल लहसुन का उत्पादन होता है.
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अगर गन्ने के साथ राजमा की इंटरक्रॉपिंग की जाए, तो प्रति एकड़ 30 किलो बीज की जरूरत होती है, जिससे प्रति एकड़ 80 से 100 क्विंटल तक राजमा का उत्पादन होता है.
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