खेती-किसानी में ज्यादा मुनाफा कमाने के लिए किसान अलग-अलग फसलों की खेती की तरफ रूख कर रहे हैं.
ताड़गोला भी इन्हीं फसलों में से एक है. बाहर से बैंगन रंग का और अंदर से बर्फ की तरह दिखने वाला ये फल, औषधीय गुणों से भरपूर है.
यह फल आइस एप्पल के नाम से भी जाना जाता है. आमतौर पर इसकी खेती किसी भी प्रकार की मिट्टी में की जा सकती है.
किसान इस बात का ध्यान रखें कि ताड़गोला की खेती करते वक्त तटीय रेतीली मिट्टी का चुनाव नहीं करें.
इसका पौधा 33 से 35 डिग्री सेल्सियस में अच्छी तरह से विकास करता है.
ताड़गोले में कैलोरी, फैट, सोडियम, कार्बोहाइड्रेट, फाइबर, शुगर, प्रोटीन, पोटैशियम, कॉपर, विटामिन बी6 और जिंक प्रचूर मात्रा में पाया जाता है.
बाजार में इस फल का रेट भी अच्छा-खासा रहता है. ऐसे में किसान अगर एक से दो एकड़ में भी इसकी खेती करे ंतो लाखों का मुनाफा कमा सकता है.