11 Dec 24
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मधुमालती के पौधे को ऐसी जगह लगाएं, जहां इसे कम से कम 6 से 8 घंटे की धूप मिल सके.
इस पौधे को अच्छी जल-निकासी वाली मिट्टी में लगाए.
मधुमालती के फूल गुच्छों में खिलते हैं. पौधे के फूल सूखने पर इसे काटकर हटा दें, इससे पौधे घने रहते हैं.
मधुमालती के पौधे में हर 15-20 दिन पर केले के छिलके, प्याज के छिलके और इस्तेमाल की गई चायपत्ती को एक लीटर पानी में डालकर 3-4 दिन तक डिकम्पोस्ट होने के 3-4 दिन बाद इसे छानकर 2 लीटर और पानी मिलाकर पौधे में डालें.
मधुमालती में फूलों के लिए केमिकल फर्टिलाइजर भी डाल सकते हैं, इसके लिए आधा चम्मच पोटाश या N:P:K 0:0:50 को मिट्टी की गुड़ाई करके जड़ों से थोड़ा दूर डालें.
सरसों की खली का लिक्विड फर्टिलाइजर भी पौधे को दे सकते हैं. हफ्ते भर में पौधे में नए- नए बदलाव दिखने लगेंगे और धीरे-धीरे फूल और कलियाँ आनी शुरू हो जाएंगी.
पौधे में पानी तभी डालें जब इसकी मिट्टी सूखी दिखाई दे. ज्यादा पानी डालने से पौधे की जड़ें सड़ भी सकती हैं.
डोरमेंसी के समय पौधे में किसी भी प्रकार का फर्टिलाइजर या खाद न डालें. सर्दियों में गमले में बहुत से घास या पौधे उग जाते हैं, इन्हें गमले से निकालकर फेंक दें.