UP में घूम रहे 2.28 हजार आवारा पशु! योगी सरकार ने छुट्टा जानवरों के लिए किया ये इंतजाम

2 Nov 2023

Byline: Uday Gupta

उत्तर प्रदेश में छुट्टा गोवंशों को लेकर योगी सरकार लगातार तमाम तरह की कवायद करती रही है. छुट्टा गोवंशों के संरक्षण के लिए सूबे में सैकड़ों की तादाद में स्थाई और अस्थाई गौ आश्रय बनाए गए हैं, जिनमें लाखों छुट्टा गोवंशों को रखा गया है. 

इधर-उधर घूम रहे गोवंशों के संरक्षण को लेकर योगी सरकार द्वारा समय-समय पर विशेष अभियान भी चलाया जाता रहा है लेकिन बावजूद इसके उत्तर प्रदेश के तमाम जिलों में अन्ना जानवरों की समस्या लगातार बनी हुई है. इन अन्ना जानवरों की वजह से एक तरफ जहां आए दिन दुर्घटनाएं होती रहती हैं. 

वहीं दूसरी तरफ फसलों को भी यह अन्ना जानवर काफी नुकसान पहुंचाते हैं. लेकिन अब एक बार फिर 1 नवंबर 2023 से 31 दिसंबर 2023 तक उत्तर प्रदेश सरकार अन्ना जानवरों को लेकर विशेष अभियान चलाने जा रही है. 

सरकार द्वारा सुबह के सभी जिलाधिकारियों पशुपालन विभाग को इस अभियान के मद्देनजर निर्देश जारी कर दिए गए हैं. इस निर्देश में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि दिनांक 1 नवंबर 2023 से दिनांक 31 दिसंबर 2023 तक विशेष अभियान चलाकर निराश्रित गोवंशों के शत प्रतिशत संरक्षण की प्रक्रिया पूरी की जाए.

सरकार के आंकड़ों की बात करें तो अब तक उत्तर प्रदेश में 12 लाख से अधिक निराश्रित गोवंशों को प्रदेश के अलग-अलग जिलों में बनाए गए गोवंश संरक्षण केन्द्रो में संरक्षित किया गया है. लेकिन सरकार को इस बात का अनुमान है कि अभी भी तकरीबन सवा दो लाख से ज्यादा निराश्रित गोवंश संरक्षित किए जाने हैं. 

जिसको लेकर यह विशेष अभियान चलाया जा रहा है. इस अभियान में पंचायती राज विभाग, ग्राम विकास विभाग, राजस्व विभाग, नगर विकास विभाग, गृह विभाग और पशुपालन विभाग के अधिकारी शामिल होंगे. जरूरत पड़ने पर  पुलिस का भी सहयोग लिया जाएगा.

इस अभियान के तहत प्रत्येक जिले में विकासखंड और तहसील स्तर पर इन विभागों की टीम निराश्रित गौवंशों को आश्रय स्थलों में संरक्षित करेगी. नगरीय क्षेत्र में स्थानीय निकायों के प्रभारी अधिकारी और नगर आयुक्त द्वारा इस अभियान का नेतृत्व किया जाएगा.

वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में मुख्य विकास अधिकारी को नोडल अधिकारी बनाए जाने का निर्देश दिया गया है. बताते चलें कि काफी दिन पहले ही पंचायती राज विभाग को कैटल कैचर और मल्टीपरपज व्हीकल खरीदने या किराए पर लिए जाने के निर्देश दिए गए थे.