19 February 2025
अयोध्या में रामलला का मंदिर एक खास शैली में बनाया गया है. इसका नाम है नागर शैली. जानतें हैं क्या है इसकी खासियत?
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देश में मंदिर बनाने की तीन शैलियां प्रमुख थीं, इसमें नागर, द्रविड़ और वेसर शामिल हैं.
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प्राचीन भारत में मंदिर निर्माण की खास 3 शैलियों में से एक नागर स्थापत्य में मंदिर काफी खुला हुआ होता है.मुख्य भवन चबूतरे पर बना होता है.
नागर शैली में मंदिर बनाते हुए कुछ खास बातों का ध्यान रखा जाता है. जैसे इसमें मुख्य इमारत ऊंची जगह पर बनी होती है, जैसे कोई चबूतरानुमा स्थान.
इसी चबूतरानुमा स्थान पर ही गर्भगृह होता है, जहां मंदिर के मुख्य देवी या देवता की पूजा होती है.
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नागर वास्तु अपने में काफी विस्तृत शैली है. इसके तहत पांच तरीकों से मंदिर बनाया जा सकता है.
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नागर स्थापत्य में ही वलभी शैली शामिल है. इसमें मंदिर में लकड़ी की छत होती है, जो कि नीचे की तरफ घुमाव लिए दिखती है.
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नागर शैली का एक प्रकार लैतिना शैली भी है. इसमें एक ही घुमावदार टावर होता है, जिसमें चार कोने होते हैं.
वहीं इसमें फमसाना शैली भी एक अहम प्रकार है. इसके तहत मंदिर में एक के ऊपर एक कई छतों वाले टावर होते हैं. ऊपर वाली छत सबसे चौड़ी होती है.
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