4 February 2025
BY: Aaj Tak Auto
वक्त के साथ चीजें केवल पुरानी नहीं होती हैं बल्कि उनकी अहमियत और कीमत भी काफी बढ़ जाती है. ख़ासतौर पर जब उनसे कोई इतिहास और लेगेसी जुड़ी हो.
कुछ ऐसा ही उदाहरण मर्सिडीज-बेंज की 71 साल पुरानी फॉर्मूला-वन (F1) कार की नीलामी के तौर पर भी देखने को मिला.
Credit: RM Sotheby
जहां साल 1954 मॉडल की मशहूर और बेहद दुर्लभ मर्सिडीज-बेंज W196 R स्ट्रोमलिनिनवेगन कार को को नीलामी में 51 मिलियन यूरो (लगभग 458 करोड़ रुपये) में बेचा गया.
Credit: RM Sotheby
इस कार की नीलामी का आयोजन RM Sotheby द्वारा बीते 1 फरवरी, को स्टटगार्ट (जर्मनी में) में मर्सिडीज-बेंज म्यूजियम में किया गया था.
Credit: RM Sotheby
हालांकि अभी ये जानकारी सामने नहीं आ सकी है कि इस कार को किसने खरीदा है. लेकिन उंची कीमत के चलते ये अब तक की सबसे महंगी फॉर्मूला 1 कार बन गई है.
Credit: RM Sotheby
बता दें कि, इससे पहले साल 2022 में 1955 मॉडल मर्सिडीज 300 SLR कूपे को लगभग 1,266 करोड़ रुपये में नीलाम किया गया था. जो नीलामी में बेची जाने वाली दुनिया की सबसे महंगी कार है.
Credit: RM Sotheby
इस फॉर्मूला वन कार का इतिहास काफी रोचक है. इसे पांच बार के फॉर्मूला 1 विश्व चैंपियन जुआन मैनुअल फैंगियो ने 1955 ब्यूनस आयर्स ग्रैंड प्रिक्स में चलाकर रेस जीती थी.
इसी क्लासिक मर्सिडीज F1 कार को सर स्टर्लिंग मॉस ने 1955 में मोंज़ा (इटली में) में आयोजित इटालियन ग्रैंड प्रिक्स में भी चलाया था, जहाँ इसने रेस का सबसे तेज़ लैप रिकॉर्ड बनाया था.
चैंपियनशिप खत्म होने के बाद मर्सिडीज ने 1965 में इस कार को इंडियानापोलिस मोटर स्पीडवे म्यूजियम को दान कर दिया था.
Credit: RM Sotheby
लगभग छह दशकों तक म्यूजियम द्वारा इसकी देखभाल की गई. हालांकि कभी-कभी प्रमुख ऑटोमोटिव आयोजनों में इसे शोकेस किया जाता रहा है.
Credit: RM Sotheby
50 के दशक में इस कार ने मर्सिडीज-बेंज की फॉर्मूला 1 में वापसी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी. इसमें 2.5-लीटर स्ट्रेट-8 इंजन का इस्तेमाल किया गया था.
Credit: RM Sotheby
डायरेक्ट फ्यूल इंजेक्शन और वाल्व एक्चुएशन के साथ आने वाला ये इंजन 290hp की पावर जेनरेट करता है. बतौर F1 कार इसके कॉकपिट को उस समय के हिसाब से काफी एडवांस बनाया गया था.
Credit: RM Sotheby