भारत में इन्होंने खरीदी थी पहली कार! हैरान कर देंगे देश की ऑटो इंडस्ट्री के ये किस्से

31 December 2024

BY: Ashwin Satyadev

भारत में कारों का चलन तकरीबन एक सदी से ज्यादा पुराना है. आज भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा कार बाजार है, कम से कम बिक्री के मामले में.

दुनिया की हर कार कंपनी इस बाजार में अपनी उपस्थिति दर्ज कराने के लिए बेताब है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि भारत में पहली कार किसने खरीदी थी?

पहली कार से लेकर पहले खरीदार तक. आज हम आपको भारतीय कार बाजार से जुड़े कई दिलचस्प किस्सों से रूबरू कराएंगे. देखें स्लाइड- 

अलग-अलग जगह संदर्भ मिलता है कि देश में पहली कार साल 1897 में आई थी. जिसे क्रॉम्प्टन ग्रीव्ज से जुड़े फॉस्टर (Foster) नाम का एक इंग्लिशमैन लेकर आया था. 

भारत में पहली कार:

कलकत्ता, वो शहर जहां से अंग्रेजी हुकूमत का सिक्का 1911 तक चलता रहा. 1897 के वक्त ये शहर व्यापार और उद्योग के सबसे बड़ा केंद्र था. इसलिए देश की पहली कार इसी शहर में आई थी.

कोलकाता में बिकी कार:

कुछ रिपोर्ट्स में यह उल्लेख मिलता है कि, साल 1892 में पटियाला रियासत के महाराजा राजिंदर सिंह ने फ्रेंच कार 'De Dion-Bouton' खरीदी थी. जिसे फ्रांस से इंपोर्ट किया गया था.

महाराजा राजिंदर सिंह:

बताया जाता है कि, साल 1898 में मुंबई में 4 कारों की बिक्री हुई थी. इन चारों कारों के खरीदारों में टाटा ग्रुप के संस्थापक जमशेद जी टाटा भी शामिल थें. 

जमशेद जी टाटा:

वालचंद हीराचंद दोशी भारत में 'फादर ऑफ ट्रांसपोर्टेशन' कहे जाते हैं. उन्होंने 1945 में देश की पहली कार कंपनी प्रीमियर ऑटोमोबाइल्स की स्थापना की और 1949 में पहली कार रोल आउट की गई.

वालचंद हीराचंद दोशी:

इसी बीच बिड़ला परिवार ने 1948 में हिंदुस्तान मोटर्स ब्रांड के अन्तर्गत गुजरात में MG 10 पर बेस्ड कार की असेंबली शुरू की. जिसे 1957 में हिंदुस्तान अंबेस्डर के तौर पर लॉन्च किया गया.

हिंदुस्तान मोटर्स:

सत्तर साल पहले 1954 में टाटा मोटर्स ने पहला मेड-इन-इंडिया हैवी ड्यूटी ट्रक लॉन्च किया था. इसे जर्मन कंपनी डैमलर बेंज (Daimler Benz) के साथ मिलकर तैयार किया गया था.

देश का पहला ट्रक:

भारत सरकार ने 24 फरवरी, 1981 को मारुति उद्योग प्राइवेट लिमिटेड के नाम से नई कार कंपनी शुरू की. 1983 में मारुति ने अपनी पहली कार Maruti 800 को लॉन्च किया. 

मारुति सुजुकी:

दिल्ली के रहने वाले हरपाल सिंह देश के पहले मारुति 800 के मालिक बने. 14 दिसंबर 1983 को तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने स्वयं उन्हें इस कार की चाबी सौंपी थी.

पहली Maruti 800 के मालिक:

26 साल पहले 30 दिसंबर 1998 को रतन टाटा ने देश की पहली 'इंडिजिनियस' कार Tata Indica को लॉन्च किया था. उस वक्त इसकी कीमत 2.60 लाख रुपये थी.

पहली 'इंडिजिनियस' कार:

रतन टाटा ने 17 जनवरी 2008 को दुनिया की सबसे सस्ती कार 'Tata Nano' को लॉन्च किया. इसे महज 1 लाख रुपये में पेश किया गया था, इसलिए इसे लखटकिया कार भी कहते थें.

लखटकिया कार:

17 जुलाई 2009 को नैनो की डिलीवरी मुंबई में शुरू हुई. पहली नैनो कार के मालिक थें अशोक रघुनाथ विचारे. खुद रतन टाटा ने उन्हें कार की चाबी सौंपी थी.

पहली नैनो के मालिक: