ALERT: एक छोटी सी गलती... और कार में हो रही बच्चों की मौत! कैसे करें बचाव

23 May 2024

BY: Ashwin Satyadev

उत्तर भारत के ज्यादातर राज्यों में झुलसाने वाली गर्मी पड़ रही है. देश के कई हिस्सों में तापमान 44 से 46 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच चुका है.

भीषण गर्मी के बीच एक और बात है जो चिंता का विषय बनी हुई है. बीते कुछ दिनों में देश भर में कई ऐसी घटनाएं सामने आई हैं जिनमें बंद कारों में बच्चों की मौत हो गई है. 

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इन सभी मामलों में जो कॉमन बात थी वो ये कि, इन बच्चों की मौत कार में लॉक होने के बाद दम घुटने (Suffocation) के चलते हुई. 

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बीते 16 मई को राजस्थान के कोटा में एक परिवार शादी फंक्शन में गया था. जहां गलती से उनका 3 साल का बच्चा कार में लॉक हो गया और दम घुटने से उसकी मौत हो गई.

इसी तरह का एक मामला अप्रैल में हैदराबाद के निजामाबाद में देखने को मिला. जहां 6 साल के बच्चे की बॉडी कार में पड़ी मिली. बताया जा रहा है कि, इस बच्चे की मौत भी दम घुटने से हुई.

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मुंबई के एंटॉप हिल एरिया में हार्बर रेलवे लाइन के पास भी ऐसी ही एक घटना हुई. जहां मुस्कान और साजिद नाम के भाई-बहन की मौत कार में लॉक होने के चलते हो गई.

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यदि बाहर गर्मी ज्यादा है तो कार के भीतर का तापमान तेजी से बढ़ता है. कई बार केबिन का टेंप्रेचर 70 डिग्री तक पहुंच जाता है. जाहिर ये इतना तापमान मावन शरीर नहीं झेल सकता.

कार में क्यों होती है मौत:

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कार की मेटल बॉडी सूरज की गर्मी को अवशोषित करती है लेकिन इस गर्मी के निकलने का रास्ता नहीं होता है. वहीं बंद कार का विंडो एक तरह से ट्रैपडोर का काम करता है.

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कार का विंडो सोलर रेडिएशन को भीतर तो आने देता है लेकिन डोर-विंडो लॉक होने के कारण बाहर नहीं निकल पाता. ऐसे में डैशबोर्ड, फर्श और सीट गर्म होने लगते हैं जो हवा को गर्म करते हैं.

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केबिन में गर्म हवा बढ़ने के कारण सांस लेने में दिक्कत होती है और थोड़ी देर में दम घुटने लगता है. यदि ऐसी स्थिति लंबे समय तक बनी रहे तो मौत भी हो सकती है.

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यदि आप बच्चों के साथ सफर करते हैं तो कार लॉक करने से पहले हमेशा इस बात की तस्दीक कर लें कि कहीं बच्चा कार में न छूटे.

कैसे करें बचाव: 

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यदि आप एक से ज्यादा बच्चों के साथ ट्रैवेल कर रहे हैं तो कार की डिग्गी की भी जांच करना न भूलें.

कोशिश करें कि, कार में कभी भी बच्चों को अकेला न छोड़े. लेकिन अगर इमरजेंसी हो और थोड़ी देर के लिए कार में बच्चे को छोड़ना पड़े तो सभी विंडो को थोड़ा (तकरीबन 1-2 इंच) डाउन कर दें.

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बच्चों के साथ सफर करने के दौरान अपने साथ किसी साथी या सहयोगी को रखने का प्रयास करें. कार की चाबी या फॉब को बच्चों की पहुंच से दूर रखें. 

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कार को पार्क करते समय सभी विंडो और दरवाजों को पूरी तरह से लॉक रखें. कई बार बच्चे खेलते हुए कार में दाखिल हो जाते हैं और आपात स्थिति बन सकती है.

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यदि आपको किसी खड़ी कार में कोई अकेला बच्चा दिखे तो तत्काल इस बात की जांच करें कि वो सुरक्षित है या नहीं. किसी भी आपात स्थिति में स्थानीय मदद लें और पुलिस को सूचित करें.

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