13 December 2024
BY: Aaj Tak Auto
जब आप ड्राइव पर निकलते हैं तो कार के टायरों का पंचर हो जाना या उनकी हवा निकलना सबसे बड़ी समस्या बन जाती है.
लेकिन दुनिया की दिग्गज टायर निर्माता कंपनियां जल्द ही बाजार में एयरलेस (Airless) टायर्स को लॉन्च करने की योजना बना रही हैं. इनमें सबसे प्रमुख नाम है मिशेलिन (Michelin) का.
मिशेलिन ने 2019 मूविनऑन समिट में UPTIS (यूनिक पंचर-प्रूफ टायर सिस्टम) का कॉन्सेप्ट दुनिया के सामने पेश किया था. अब कंपनी इस तकनीकी पर काम कर रही है.
एयरलेस टायर्स में सामान्य टायरों की तरह रबर के ट्रेड्स होते हैं, लेकिन ये ट्रेड्स एक रिंग पर लगे होते हैं और प्लास्टिक या रबर के स्पोक्स द्वारा इन्हें सपोर्ट किया जाता है.
ये स्पोक्स विजिबल होते हैं और इनमें हवा भरने की कोई जरूरत नहीं होती है, इसलिए इनके पंचर (Puncture) होने का भी खतरा नहीं होता है.
दरअसल, इन टायर्स में दिए जाने वाले ये स्पोक्स ही हवा का काम करते हैं और टायर को भार वहन करने की क्षमता प्रदान करते हैं.
इन टायरों के कोर डिज़ाइन में एक इनर हब होता है जो कि रबर स्पोक्स और आउटलर लेयर के साथ जुड़ा होता है. इनर हब टायर का एक ठोस हिस्सा हो है जो कार एक्सल से जोड़ा जाता है.
यह इनर हब रबर स्पोक्स से लगा होता है, ये रिब सस्पेंशन सिस्टम जो वाहन को भार वहन करने के लिए आवश्यक कुशन प्रदान करता है.
बाहरी परत एक रबर शीट दी जाती है जो सतह (सड़क) के संपर्क में आती है. यह शीट किसी भी मौसम (गर्मी और सर्दियों) में इस्तेमाल की जा सकती है.
इन टायरों के इस्तेमाल से पंचर या हवा निकलने का डर नहीं होता है. कार में स्पेयर टायर रखने के झंझट से मुक्ति मिलेगी.
भारी वाहनों में इस्तेमाल करने से पैसों की बचत होगी. कार्बनडाई ऑक्साइड उत्सर्जन में भी कमी होगी. पर्यावरण के लिए भी काफी फायदेमंद होंगे ये टायर्स.
बार-बार टायरों को बदलना भी नहीं पड़ेगा. बेहतर टायर और ग्रिप के चलते सड़क दुर्घटनाओं में भी कमी आने की उम्मीद है.