AC चलाना नहीं था आसान! देखें दुनिया की पहली एयर कंडिशनर कार

27 June 2024

BY: Aaj Tak Auto

आज के समय में बिना एयर कंडिशनर (AC) के कारों की कल्पना भी नहीं की जा सकती है. एक समय ऐसा भी था जब खुली बॉडी वाली कारों का चलन था.

लेकिन समय के साथ एयर कंडिशनर की जरूरत महसूस हुई और कारों में भी AC का प्रयोग शुरू हुआ. लेकिन क्या आप जानते हैं दुनिया की पहली एयर कंडिशन कार कैसी थी?

अमेरिका की पैकार्ड मोटर कंपनी ने साल 1939 में दुनिया की पहली एयर कंडिशनर कार को पेश किया था. इस कार में कंपनी ने ऑप्शनल AC को शामिल किया था.

इस कार के AC को स्टार्ट करने के लिए इंजन को बंद करना पड़ता था. जो कि एक बड़ी मुसीबत थी. AC सिस्टम के इवैपोरेटर और ब्लोवर कार कें ट्रंक में तकरीबन गजह घेर लेते थें.

कार में AC को पिछले हिस्से में लगाया गया था और इसका फैन भी कार के पिछले विंडशील्ड का पास लगा था. जिससे कार का पिछला हिस्सा पहले ठंडा होता था.

इसमें तापमान मापने वाला थर्मोस्टेट या शट-ऑफ मैकेनिज्म नहीं था. ड्राइवरों के पास एकमात्र कंट्रोल ब्लोअर को बंद करना था. हालांकि, ब्लोअर बंद होने के बाद भी ठंडी हवा केबिन में आती थी.

इंजन कम्पार्टमेंट और ट्रंक तक आने-जाने वाली कई फीट लम्बी पाइपलाइन को बहुत ज्यादा सर्विस और मेंटनेंटस की जरूरत पड़ती थी. 

बता दें कि, पैकार्ड मोटर कंपनी की स्थापना ओहियो के रहने वाले जेम्स वार्ड पैकार्ड (James Ward Packard) ने की थी. कंपनी ने 1899 में कारों का प्रोडक्शन शुरू किया था.

चूंकि कार में एयर कंडिशनर का ऑपरेशन काफी मुश्किल था. इसके अलावा AC यूनिट को कार में इंस्टॉल करवाना एक महंगा सौदा था, इसलिए कंपनी ने साल 1941 में इसका प्रोडक्शन बंद कर दिया.

पैकार्ड के बाद 1953 में कार में AC की फिर वापसी हुई. जनरल मोटर्स के हैरिसन रेडिएटर डिवीज़न ने एक नया AC सिस्टम विकसित किया जिसे इंजन कम्पार्टमेंट में हुड के नीचे लगाया जा सकता था.

जैसे-जैसे एयर-कंडीशनर की मांग बढ़ती गई, एयर कंडिशन से लैस नई कारों का प्रोडक्शन भी बढ़ता गया. 1969 तक अमेरिका में बिकने वाली सभी नई कारों में से आधे से ज़्यादा एयर कंडीशनिंग से लैस थीं.