10 March 2024
BY: Ashwin Satyadev
कारों की दुनिया हमेशा से लोगों को आकर्षित करती रही है. ऑटो सेक्टर का भविष्य जितना सुनहरा है उतना ही रोचक इसका इतिहास भी है.
ऑटो वर्ल्ड अपने भीतर कई ऐसे दिलचस्प राज छुपाए हुए है, जिन्हें जानकर आप हैरान हो जाएंगे. आज हम आपको ऑटो इंडस्ट्री के कुछ ऐसे ही रोचक तथ्यों से रूबरू कराएंगे. देखें स्लाइड-
ऑटोमोबाइल की शुरुआत 1769 में हुई, जब पहली बार भाप इंजन से चलने वाले वाहन को तैयार किया गया था. इसके बाद 1807 में, फ्रेंकोइस इसाक डी रिवाज़ ने पहली कार डिज़ाइन की जो फ्यूल गैस ICE इंजन से चलती थी.
दुनिया की पहली प्रोडक्शन मॉर्डन कार का निर्माण 1885 में मर्सिडीज बेंज के फाउंडर कार्ल बेंज (Karl Benz) ने किया था, जिसे 'बेंज पेटेंट मोटरवैगन' नाम दिया गया था.
कार्ल बेंज की पत्नी बर्था बेंज दुनिया की पहली कार चालक के तौर पर जानी जाती हैं. साल 1888 में उन्होनें बेंज पेटेंट मोटरवैगन' को 106 किमी तक चला कर इतिहास रच दिया था.
जर्मन तानाशाह एडॉल्फ हिटलर ने फर्डिनेंड पोर्श को वोक्सवैगन कार बनाने का आदेश दिया, जिसका जर्मन में शाब्दिक अर्थ 'पीपुल्स कार' होता है. यह कार आगे चलकर फॉक्सवैगन बीटल बन गई.
हेनरी फोर्ड शुरुआती दिनों में घड़ियों की मरम्मत करते थें. 16 जून 1903 को हेनरी फोर्ड ने FORD की स्थापना की. जनरल मोटर्स के बाद ये अमेरिका की दूसरी सबसे बड़ी कार कंपनी है.
साल 1916 में दुनिया की 55 प्रतिशत कारें मॉडल टी फोर्ड की थीं, जो आज भी एक अटूट रिकॉर्ड है. इस कार का इस्तेमाल महात्मा गांधी भी किया करते थें.
रोल्स-रॉयस लिमिटेड मूलतः हवाई जहाज का इंजन बनाने वाली कंपनी थी, जिसकी स्थापना 1906 में चार्ल्स स्टीवर्ट रोल्स और फ्रेडरिक हेनरी रॉयस ने की थी. इनके सरनेम पर ही कंपनी का नाम रखा गया.
साल 1906 में रोल्स रॉयस ने अपनी पहली कार के तौर पर Silver Ghost को लॉन्च किया. 1907 में स्कॉटिश परीक्षणों के दौरान कार ने 24,000 किलोमीटर की दूरी तय करने का रिकॉर्ड बनाया.
1971 में, प्रधान मंत्री इंदिरा गांधी की कैबिनेट ने भारत के लिए 'पीपुल्स कार' का प्रस्ताव रखा, जिसकी जिम्मेदारी संजय गांधी को दी गई थी. सुजुकी और मारुति उद्योग प्राइवेट लिमिटेड के तत्वाधान में देश की पहली कार तैयार की गई.
साल 1983 में मारुति सुजुकी ने पहली Maruti 800 को लॉन्च किया, जो मूल रूप से Suzuki (SS80) मॉडल पर बेस्ड थी. इसका प्रोडक्शन साल 2014 तक किया गया.
मारुति 800 की डिलीवरी संजय गांधी के मौत के तीन साल बाद यानी 14 दिसंबर 1983 को शुरू की गई थी, बता दें कि उसी दिन संजय गांधी की बर्थ एनिवर्सरी भी होती है.
देश की पहली मारुति 800 के मालिक हरपाल सिंह थे, जिन्हे तत्कालिन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने एक भव्य कार्यक्रम के दौरान खुद कार की चाबी सौंपी थी.
सार्वजनिक नीलामी में अब तक बेची गई सबसे महंगी कार 1955 मर्सिडीज-बेंज 300 SLR कूपे है, जो 2022 में जर्मनी के स्टटगार्ट में एक गुप्त नीलामी में 143 मिलियन डॉलर (लगभग 1100 करोड़ रुपये) में बिकी.
Volkswagen ने अपनी कई कारों के नाम हवाओं के नाम पर रखे हैं, जैसे Passat- ट्रेड विंड के लिए एक जर्मन शब्द, Golf - गल्फ स्ट्रीम, Polo - पोलर विंड (ध्रुवीय) हवाएँ और Jetta - जेट स्ट्रीम विंड के नाम पर
ब्रिटिश लक्जरी कार ब्रांड एस्टन मार्टिन का नाम इसके संस्थापकों में से एक लियोनेल मार्टिन और एक पहाड़ी के नाम पर पड़ा. लियोनेल उस दौर में एस्टन क्लिंटन के पास एस्टन हिल में रेस किया करते थें.
रॉबर्ट एंडरसन नामक एक स्कॉटिश वैज्ञानिक ने तकरीबन 192 साल पहले 1832 में पहला इलेक्ट्रिक वाहन बनाया. उन्होंने एक गाड़ी में गैर-रिचार्जेबल सेल और एक इलेक्ट्रिक मोटर का उपयोग किया था.
मॉर्डन कारों के मशहूर फीचर क्रूज़ कंट्रोल का आविष्कार राल्फ टीटर ने 1950 में किया था और उन्होंने इसका नाम स्पीडोस्टैट रखा गया. दिलचस्प ये है कि वो रॉल्फ दिव्यांग थे और उन्हे दिखाई नहीं देता था.