17 December 2024
BY: Aaj Tak Auto
घर के भीतर हैं तो दम घुटता है और आखों में जलन होती है. घर से बाहर निकलते ही आंखों के सामने धुंध छा जाता है. ये हालत दिल्ली और उससे सटे आसपास के इलाकों की है.
दिल्ली-एनसीआर वायु प्रदूषण हर साल एक नया रिकॉर्ड बना रहा है. सरकार के तमाम प्रयासों के बावदूज देश की राजधानी गैस चेंबर बनने से नहीं बच पाती है.
शहर में लगातार खराब होती आबो-हवा को सुधारने के लिए प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों को भी सड़क से दूर रखने की कवायद हो रही है.
लेकिन इन सब के बीच पार्क प्लस (Park Plus) रिसर्च लैब्स की एक सर्वे रिपोर्ट ने सबको चौंका दिया है. इस रिपोर्ट में एक हैरान करने वाला खुलासा हुआ है.
ये सर्वे बताता है कि, दिल्ली-एनसीआर के तकरीबन 5,200 कार मालिकों से जब पॉल्यूशन सर्टिफिकेट (PUC) के बारे पूछा गया तो 63% लोगों को अपने वाहन के PUC स्टेट्स के बारे में जानकारी ही नहीं थी.
यानी सवालों का जवाब देने वाले तकरीबन 63% लोगों को इस बात की जानकारी ही नहीं थी कि, उनके वाहन के पॉल्यूशन अंडर कंट्रोल सर्टिफिकेट की क्या स्थिती है.
बता दें कि, मोटर वाहन अधिनियम के तहत सड़क पर वाहन चलाने के लिए PUC एक बेहद ही अनिवार्य दस्तावेज़ है. इसके लिए कड़े चालान का भी प्रावधान है.
इस रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि, तकरीबन 11% कार मालिकों को यह भी नहीं पता है कि PUC क्या होता है और इसे कैसे रेन्यू किया जा सकता है.
जबकि 27% लोगों ने प्रदूषण के स्तर को बढ़ाने में गैर-पीयूसी-प्रमाणित वाहनों की भूमिका के बारे में पूछे जाने पर उदासीनता दिखाई.
सेंटर फॉर साइंस एंड एनवायरनमेंट (CSE) के एक अध्ययन के अनुसार, जागरूकता की यह कमी विशेष रूप से चिंताजनक है.
बता दें कि, बिना वैलिड PUC के वाहन चलाते हुए पहली बार पकड़े जाने पर 1,000 रुपये और दूसरी बार पकड़े जाने पर 2,000 रुपये तक चालान का प्रावधान है.
लेकिन परिवहन विभाग का यह भी कहना है कि यदि वाहन चालक PUC सर्टिफिकेट प्रस्तुत नहीं करता है तो 10,000 रुपये तक का जुर्माना या 6 महीने तक की जेल या दोनों हो सकते हैं.
PUC सर्टिफिकेट बनवाने के लिए आपको ज्यादा परेशान होने की जरूरत नहीं है. ये सुविधा पेट्रोल पंपों पर आसानी से उपलब्ध है.
PUC जांच के लिए दोपहिया-तिपहिया वाहनों के लिए 80 रुपये, चार पहिया वाहनों के लिए 100 रुपये है.