29 Dec 2024
By Business Team
दूरसंचार विभाग (DoT) कथित तौर पर भारत संचार निगम लिमिटेड (BSNL) में दूसरी स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति योजना (VRS) के लिए वित्त मंत्रालय से मंजूरी लेने की योजना बना रहा है.
बिजनेस टुडे पर छपी खबर ईटी की रिपोर्ट के अनुसार, राज्य के स्वामित्व वाली दूरसंचार ऑपरेटर ने अपनी वित्तीय स्थिति में सुधार के लिए अपने कर्मचारियों की संख्या में 35% की कटौती करने का लक्ष्य रखा है.
दावा है कि इससे बीएसएनएल में 18,000-19,000 कर्मचारियों की छंटनी होगी. बीएसएनएल ने वीआरएस पहल के लिए 15,000 करोड़ रुपये मांगे हैं.
इससे उसके सालाना सैलरी बिल में 7,500 करोड़ रुपये से 5,000 करोड़ रुपये की कमी आने की उम्मीद है.
अभी वेतन कंपनी के राजस्व का 38% है. एक सीनियर अधिकारी ने कहा कि यह योजना बीएसएनएल की बैलेंस शीट को मजबूत करेगी. कंपनी अभी 4G को लेकर काम कर रही है.
बीएसएनएल के बोर्ड ने वीआरएस को पहले ही हरी झंडी दे दी है, लेकिन वित्त मंत्रालय से मंजूरी मिलने के बाद संचार मंत्रालय कैबिनेट की मंजूरी लेगा. हालांकि आंतरिक चर्चा अभी भी जारी है और कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है.
वित्त वर्ष 2024 में बीएसएनएल का राजस्व 21,302 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले वर्ष की तुलना में मामूली सुधार दर्शाता है. अभी कंपनी के पास 55,000 से अधिक कर्मचारी शामिल हैं.
यह पहली बार नहीं है जब BSNL ने ओवरहाल की शुरुआत की है. 2019 में सरकार ने BSNL और MTNL के लिए ₹69,000 करोड़ के पैकेज को मंजूरी दी थी.
93,000 से अधिक कर्मचारियों ने उस योजना का विकल्प चुना, जिसकी लागत ₹17,500 करोड़ थी.इसके बाद के वर्षों में सरकार ने दो और पुनरुद्धार पैकेज पेश किए.
2022 में इसने बीएसएनएल की बैलेंस शीट को कम करने और 4 जी रोलआउट में तेजी लाने के लिए ₹1.64 लाख करोड़ की घोषणा की थी.