03 Apr 2025
By: Deepak Chaturvedi
कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) लगातार अपने मेंबर्स को राहत देने के लिए नियमों को आसान बनाने पर जोर दे रहा है.
केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री मनसुख मंडाविया ने अपनी एक सोशल मीडिया पोस्ट में ऐसे ही दो बड़े बदलावों का जिक्र किया है.
उन्होंने ट्विटर (अब X) पर एक पोस्ट शेयर करते हुए लिखा, 'PM Narendra Modi के नेतृत्व में ईपीएफओ लगातार सुधारात्मक कदम उठा रहा है'
मनसुख मंडाविया ने लिखा कि इन सुधारों के चलते करोड़ों EPFO सदस्यों के लिए क्लेम सेटलमेंट प्रोसेस अब आसान, तेज और परेशानी से मुक्त हो गया है.
उन्होंने इसके लिए दो प्रमुख सुधारों पर जोर दिया. इनमें पहला चेक या सत्यापित बैंक पासबुक की तस्वीरें अपलोड करने की जरूरत को खत्म करना है.
केंद्री मंत्री ने बताया कि इस सुधार को पहले पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर कुछ सदस्यों पर अप्लाई किया गया और फिर 28 मई 2024 सभी के लिए लागू किया गया.
यह परिवर्तन खराब गुणवत्ता वाले डॉक्युमेंट्स अपलोड के कारण क्लेम खारिज होने की समस्या को खत्म करने वाला बदलाव साबित हुआ.
इसके अलावा अगला सुधार UAN के साथ बैंक डिटेल्स को जोड़ने में एंप्लॉयर की मंजूरी की जरूरत को खत्म करना है.
पहले EPF सदस्यों को पीएफ विद्ड्रॉल के लिए अपने बैंक खातों को जोड़ना पड़ता था और इनके वेरिफिकेशन के लिए नियोक्ता की मंजूरी जरूरी होती थी.
ईपीएफओ द्वारा किए गए ये चेंज न केवल क्लेम सेटलमेंट में तेजी लाने वाले साबित हुए हैं, बल्कि मेंबर्स को अपने खाते की डिटेल्स अपडेट करने में भी आसानी हुई है.