23 Jan 2025
By Business Team
Sensex अपने ऑल टाइम हाई लेवल से 10,000 अंक टूट चुका है. वहीं Nifty50 करीब 3000 अंक नीचे आ चुका है.
शेयर बाजार में इस बड़ी गिरावट का एक प्रमुख कारण विदेशी निवेशकों (FII) की हर महीने बड़ी बिकवाली है.
अब इसी महीने का आंकड़ा देखें तो इस महीने भारतीय बाजार से 57,000 करोड़ रुपये से अधिक की निकासी हो चुकी है.
आशंका जताई जा रही है कि डोनाल्ड ट्रंप के अमेरिका का राष्ट्रपति बनने के बाद FII का आउटफ्लो बढ़ सकता है क्योंकि अमेरिका समर्थक नीतियों के कारण वॉल स्ट्रीट में लिक्विडिटी वापस आ सकती है.
साल 2025 के पहले 15 कारोबारी दिनों में FII ने 57,000 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य के भारतीय शेयर बेच दिए हैं और हर दिन निकासी कर रहे हैं.
कंपनियों के नतीजे भी इस तिमाही में अच्छे नहीं रहे हैं. ऐसे में माना जा रहा है कि यह निकासी और बढ़ सकती है.
एनालिस्ट्स के मुताबिक निवेशकों को लगता है कि ट्रंप अपने वादों पर अमल करने के साथ-साथ अनावश्यक उथलपुथल से बचने की कोशिश करेंगे.
वहीं अगर ट्रंप की व्यापार नीतियों और व्यय योजनाओं से महंगाई बढ़ती है तो यह फेड के रेट कट साइकिल गति को चुनौती दे सकती हैं और बॉन्ड यील्ड को बढ़ा सकती हैं.
एक्सपर्ट्स का कहना है कि भारतीय शेयर बाजार में तेजी अब बजट और बाकी कंपनियों की अर्निंग पर निर्भर होगा.
नोट- किसी भी शेयर में निवेश से पहले वित्तीय सलाहकार की मदद जरूर लें.