05 Jan 2025
By: Business Team
नए साल के पहले हफ्ते में विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) की बेरुखी देखने को मिली है.
कंपनियों के तिमाही नतीजे आने वाले हैं और विदेशी निवेशकों Q3 के नतीजों से पहले सतर्क रुख अपनाते नजर आ रहे हैं.
साल 2025 के पहले हफ्ते के तीन कारोबारी दिनों FPI ने भारतीय शेयर बाजारों से जमकर निकासी की है.
आंकड़ों पर गौर करें, तो 1 जनवरी से 3 जनवरी के दौरान ही एफपीआई निकासी 4,285 करोड़ रुपये रही है.
डिपॉजिटरी के आंकड़ों को देखें, तो इससे पहले बीते साल के आखिरी दिसंबर महीने में विदेशी निवेशक ने ताबड़तोड़ निवेश किया था.
पूरे दिसंबर 2024 महीने में एफपीआई ने शेयर बाजारों में 15,446 करोड़ रुपये का बड़ा इन्वेस्टमेंट किया था.
आंकड़ों पर नजर डालें, तो साल 2024 में FPI ने 427 करोड़ रुपये का नेट इन्वेस्टमेंट किया, जो 2023 में 1.71 लाख करोड़ रुपये था.
इससे पहले साल 2022 में विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों ने भारतीय बाजारों से 1.21 लाख करोड़ रुपये की बिकवाली की थी.
पीटीआई की रिपोर्ट में एक्पर्ट वी के विजयकुमार ने कहा कि जबतक डॉलर मजबूत रहेगा और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड जोरदार रहेगा, एफपीआई की बिकवाली जारी रह सकती है.
Dollar Index अभी 109 के आसपास है और 10 साल के बॉन्ड पर प्रतिफल 4.5 प्रतिशत से अधिक है, इस वजह से FPI निकासी दिख रही है.