08 MAR 2025
Himanshu Dwivedi
पिछले कुछ दिन में एक शेयर ने खलबली मचा दी है, क्योंकि इसके शेयर 70 फीसदी तक टूट चुके हैं. जिस कारण यह शेयर ज्यादा चर्चा में आ चुका है.
अब प्रमोटर्स ने कंपनी के 2.37 फीसदी हिस्सेदारी बेच दी है, जिस कारण इसके फाइनेंशियल सिक्योरिटी को लेकर चिंता बढ़ गई है.
जेनसोल इंजीनियरिंग के प्रमोटर्स ने अपनी 2.37% हिस्सेदारी बेच दी है, जो 9 लाख शेयरों के बराबर है.
इस कदम को प्रमोटर्स ने व्यवसाय में फिर से निवेश करने के लिए लिक्विडिटी को अनलॉक करने के लिए उठाया है.
यह बिक्री पिछले आठ कारोबारी सेशन में कंपनी के शेयर में 70% की खतरनाक गिरावट के बाद हुई है, जिससे इसकी वित्तीय सेहत को लेकर चिंता बढ़ गई है.
नियामक फाइलिंग में कंपनी ने कहा कि प्रवर्तकों ने कंपनी के कुल इक्विटी शेयरों में से लगभग 2.37% यानी 9,00,000 शेयर बेचे हैं, ताकि लिक्विडिटी को अनलॉक किया जा सके.
यह कदम कंपनी की बैलेंस शीट को मजबूत करने और स्थिरता का समर्थन करने के उद्देश्य से एक रणनीति का हिस्सा है.
प्रमोटर्स के पास अभी भी जेनसोल इंजीनियरिंग में 59.70% हिस्सेदारी है. इस बीच, कंपनी ने 13 मार्च को होने वाली अपनी आगामी बोर्ड बैठक में स्टॉक स्प्लिट और इक्विटी जारी करने जैसे फैसले लिए जाएंगे.
जेनसोल इंजीनियरिंग के CFO अंकित जैन ने इस्तीफा दिया है. उनकी जगह जाबिर मेहंदी मोहम्मदराजा आगा लेंगे. शुक्रवार को जेनसोल इंजीनियरिंग के शेयर बीएसई पर 4.2% गिरकर 321.20 रुपये पर बंद हुए.
नोट- किसी भी शेयर में निवेश से पहले वित्तीय सलाहकार की मदद जरूर करें.